रायपुर, 29 नवंबर। Newborn Theft Case : राजधानी के मेकाहारा में हुए चर्चित नवजात अपहरण मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। करीब 10 महीने पुराने इस केस में कोर्ट ने रानी साहू और उसकी बेटी पायल साहू को दोषी करार देते हुए 10-10 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है।
मामले की जांच में सामने आया कि 4 जनवरी को अस्पताल में भर्ती नीता रात्रे अपनी नवजात बच्ची के साथ वार्ड में थी। इस दौरान दो महिलाओं ने मरीजों और परिजनों से सहानुभूति जताते हुए बातचीत शुरू की और भरोसे में लेकर बच्ची का अपहरण कर लिया।
अपराधियों ने नीता रात्रे और उनकी सास को यह कहकर फुसलाया कि उनकी बहू की बच्ची की मौत हो गई है। लंच टाइम का फायदा उठाकर दोनों महिलाएं नवजात को उठा कर ले गईं।
सूचना मिलने के बाद क्राइम ब्रांच और मौदहापारा थाना पुलिस अलर्ट हो गई। जांच के दौरान पता चला कि संदिग्ध महिलाएं नवजात को लेकर लोकल ट्रेन से बिलासपुर जा रही थीं। पुलिस ने तुरंत ट्रेन की चेन खींचकर ट्रेन रोकी और दोनों महिलाओं को बच्ची के साथ गिरफ्तार कर लिया।
अदालत ने सुनवाई के दौरान माना कि नवजात को बेचने की साजिश स्पष्ट है और आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया। सभी साक्ष्यों और तथ्यों को देखते हुए मां-बेटी को कठोर सजा सुनाई गई।
वहीं, मामले में शामिल बताए जा रहे युवक को पर्याप्त सबूत न मिलने के कारण कोर्ट ने बरी कर दिया। इस फैसले के बाद पुलिस और अदालत ने कहा कि ऐसे अपराधों के खिलाफ सतर्कता और कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

