Teacher Kidnapping Update: Drama of teacher kidnapping! Auto driver hatches plot...takes advantage of teacher's kind nature and makes a big move...accused arrested within hoursTeacher Kidnapping Update

दुर्ग, 29 नवंबर। Teacher Kidnapping Update : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एक स्कूल शिक्षिका के अपहरण की सूचना पुलिस को मिली। जिला पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तेज़ कार्रवाई की और शिकायत दर्ज होने के कुछ ही घंटों में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। हैरानी की बात यह है कि अपहरण की साजिश रचने वाला कोई और नहीं, बल्कि शिक्षिका का ही ऑटो चालक निकला।

शिक्षिका के पति को अपहरण की धमकी, 5 लाख की मांग

शिक्षिका के पति को आरोपी ऑटो चालक इन्तखाब आलम ने फोन कर बताया कि उनकी पत्नी का अपहरण कर लिया गया है और उसे सुरक्षित वापस पाने के लिए 5 लाख रुपये की मांग की। रकम न देने पर गंभीर नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी गई। डरे-सहमे पति ने तुरंत दुर्ग पुलिस को इसकी सूचना दी।

एसएसपी की तत्परता, आरोपी कुछ ही घंटों में गिरफ्तार

एसएसपी विजय अग्रवाल ने मामले को तत्काल प्राथमिकता में लेते हुए छावनी थाना पुलिस और ACCU टीम को कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस ने तकनीकी और मैदानी जांच के आधार पर छापेमारी की और कुछ ही घंटों में आरोपी को पकड़ लिया। उसके कब्जे से मोबाइल फोन, अपहृता का सिम और ऑटो भी जब्त किया गया।

2–3 साल से कर रहा था इमोशनल ब्लैकमेल

पूछताछ में आरोपी इन्तखाब आलम ने पुलिस को बताया कि वह बीते 2–3 वर्षों से शिक्षिका को भिलाई की मूक-बधिर शाला के बच्चों के साथ लाने-ले जाने का काम करता था। इस दौरान उसने शिक्षिका के दयालु स्वभाव का फायदा उठाकर खुद को गरीब और कर्जदार बताया। शिक्षिका उसकी बातों में आकर समय-समय पर नगद राशि देती रही।

आरोपी ने आगे बताया कि उसने कर्ज पटाने और नई ऑटो खरीदने के नाम पर शिक्षिका से 5 लाख रुपये मांगे। लेकिन शिक्षिका द्वारा मना करने पर उसने यह फर्जी अपहरण योजना बनाई ताकि धमकी देकर रकम वसूल सके।

अपहरण की ‘स्क्रिप्ट’ तैयार कर किया फोन

इन्तखाब ने शिक्षिका को किसी बहाने से रास्ते में रोका और उसी दौरान उसके पति को अपहरण की झूठी कहानी सुनाकर फिरौती की मांग कर दी। लेकिन शिक्षिका सुरक्षित मिली और मामला जल्द ही खुल गया।

छावनी थाना पुलिस ने आरोपी इन्तखाब आलम के खिलाफ अपहरण की साजिश, धमकी और जबरन वसूली की धाराओं में अपराध दर्ज किया है। दुर्ग पुलिस ने कम समय में आरोपी को हिरासत में लेकर फिरौती और झांसा देकर अवैध वसूली की योजना को विफल किया। यह मामला फिर एक बार साबित करता है कि अपराधी रिश्तों और विश्वास का कैसे गलत फायदा उठा सकते हैं और सतर्क रहना कितना जरूरी है।

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