रायपुर, 04 फरवरी। Student Friendly Exam : छत्तीसगढ़ में निजी (प्राइवेट) स्कूलों की लोकल कक्षाओं की वार्षिक परीक्षा अब जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के माध्यम से कराई जाएगी। लोक शिक्षण संचालनालय ने सत्र 2025-26 की वार्षिक परीक्षाओं के लिए राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
जारी निर्देशों के अनुसार कक्षा 1ली, 2री, 3री, 4थी, 6वीं, 7वीं, 9वीं एवं 11वीं की वार्षिक परीक्षाएं तय नियमों के तहत आयोजित होंगी। परीक्षा संचालन, प्रश्नपत्र निर्माण, मूल्यांकन और परिणाम तैयार करने की पूरी जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी स्तर पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होगी।
शिक्षा विभाग का कहना है कि इस निर्णय का उद्देश्य निजी विद्यालयों में परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी, एकरूप और अनुशासित बनाना है, ताकि सभी विद्यार्थियों का मूल्यांकन समान मापदंडों पर हो सके। सभी निजी विद्यालयों के लिए जारी गाइडलाइन का पालन अनिवार्य किया गया है।
जिला शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने जिलों में निजी स्कूलों की परीक्षा व्यवस्था की निगरानी और समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो। विभाग का मानना है कि इससे निजी स्कूलों की परीक्षा प्रणाली पर प्रशासनिक नियंत्रण मजबूत होगा और विद्यार्थियों को निष्पक्ष मूल्यांकन का लाभ मिलेगा।
डीईओ के लिए जारी प्रमुख दिशा-निर्देश
कक्षा 1 से 4, 6, 7, 9 एवं 11 की वार्षिक परीक्षा के सफल संचालन के लिए डीईओ पूर्ण रूप से उत्तरदायी होंगे।
जिला स्तरीय संचालन समिति, प्रश्नपत्र निर्माण समिति एवं मॉडरेशन समिति का गठन 05 फरवरी 2026 तक किया जाएगा।
शासकीय, अनुदान प्राप्त एवं माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्ध अशासकीय गैर अनुदान प्राप्त विद्यालयों (हिन्दी एवं अंग्रेजी माध्यम) के विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे।
सीबीएसई, आईसीएसई एवं भारतीय शिक्षा बोर्ड से संबद्ध विद्यालय इस व्यवस्था में शामिल नहीं होंगे।
कक्षा 5वीं, 8वीं, 10वीं एवं 12वीं के ब्लूप्रिंट के अनुसार प्रश्नपत्रों का निर्माण किया जाएगा।
छात्रों के अभ्यास के लिए सेम्पल प्रश्नपत्र तैयार किए जाएंगे।
सभी कक्षाओं का पाठ्यक्रम 28 फरवरी 2026 तक पूर्ण कर रिवीजन कराया जाएगा।
प्रायोजना कार्य की वार्षिक परीक्षा 05 मार्च 2026 तक पूरी की जाएगी।



