नई दिल्ली, 13 फरवरी। Bangladesh Election 2026 : बांग्लादेश की राजनीति में पिछले दो दशकों का सबसे बड़ा बदलाव सामने आया है। तारिक रहमान, जो 17 साल तक निर्वासन में रहने के बाद देश लौटे, अब बांग्लादेश की सत्ता की दहलीज पर खड़े हैं। चुनावी नतीजों ने एक नई कहानी लिखी है, जिसमें संघर्ष, वापसी और जनसमर्थन से सत्ता तक पहुंचने का सफर शामिल है।

तारिक रहमान की ऐतिहासिक वापसी
तारिक रहमान ने बांग्लादेश की राजनीति में दो प्रमुख सीटों ढाका-17 और बोगुरा-6 से बड़ी जीत हासिल की है। बोगुरा उनके परिवार का पुश्तैनी गढ़ माना जाता है, जबकि ढाका-17 सीट राजधानी का अहम हिस्सा है। इन दोनों सीटों पर जीत ने उनके राजनीतिक कद को और मजबूती दी है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने बहुमत के लिए जरूरी 151 सीटों का आंकड़ा पार कर लिया है, जो अवामी लीग के लंबे शासन को समाप्त करने की ओर इशारा करता है। अब यह साफ हो गया है कि बांग्लादेश की कमान तारिक रहमान के हाथों में आने वाली है।
लंदन से बांग्लादेश की राजनीति में वापसी
तारिक रहमान की यात्रा सरल नहीं रही। वह 17 साल तक लंदन में निर्वासन में रहे, लेकिन इस दौरान उन्होंने राजनीति से खुद को दूर नहीं किया। डिजिटल सभाओं, वीडियो कॉल्स और सोशल मीडिया के माध्यम से उन्होंने अपनी पार्टी की रणनीति बनाई और शेख हसीना की सरकार पर सवाल उठाए।
उनके खिलाफ कई आपराधिक और भ्रष्टाचार से जुड़े मामले दर्ज थे, जिनमें 2004 में शेख हसीना की रैली पर हुए ग्रेनेड हमले का मामला भी था। लेकिन अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद कानूनी माहौल में बदलाव आया, और 2026 तक उन्हें लगभग सभी मामलों में बरी कर दिया गया।
छात्र आंदोलन से सत्ता की ओर एक नया मोड़
अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन ने बांग्लादेश की राजनीति को एक नई दिशा दी। इस आंदोलन ने शेख हसीना को सत्ता से बाहर कर दिया और अंतरिम सरकार का गठन किया। तारिक रहमान के लिए यह मौका था, और उन्होंने दिसंबर 2025 में ढाका वापस लौटने का निर्णय लिया। उनके लिए यह सिर्फ एक वापसी नहीं थी, बल्कि यह सत्ता परिवर्तन की शुरुआत थी।
वह चुनावी मंच पर नए सिरे से खड़े हुए और एक नया संदेश दिया। उन्होंने सत्ता से ज्यादा व्यवस्था में बदलाव की बात की, दो कार्यकाल की सीमा का वादा किया और राजनीतिक बदले से बचने की अपील की।
क्या अब बांग्लादेश में बदलाव आ पाएगा?
अब जब तारिक रहमान ने जीत हासिल कर ली है, उनकी असली परीक्षा शुरू होती है। उन्हें सेना के साथ संतुलन, महंगाई से जूझती अर्थव्यवस्था, और लोकतंत्र के प्रति विश्वास को बनाए रखना होगा। खासकर उन युवाओं और अल्पसंख्यकों के लिए जिन्होंने बदलाव की शुरुआत की है, उनके लिए क्या यह बदलाव सच्चा साबित हो पाएगा?
यह जीत सिर्फ सत्ता तक पहुंचने की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस सवाल की शुरुआत भी है कि क्या राजनीतिक विरासत अपने पुराने रूप को बदलकर नए दौर की उम्मीदों पर खरी उतर सकती है?
क्या तारिक रहमान नई राह दिखाएंगे?
तारिक रहमान की यह ऐतिहासिक जीत बांग्लादेश की राजनीति में नए बदलाव की दिशा दिखाती है। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या वह अपने नेतृत्व से बांग्लादेश को एक नए और मजबूत भविष्य की ओर ले जाएंगे।

