जगदलपुर, 13 फरवरी। Bhumkal Smriti Divas : भूमकाल स्मृति दिवस की रैली के दौरान बजाए गए विवादित गाने को लेकर उत्पन्न हुए सियासी और सामाजिक सवालों के बीच सर्व आदिवासी समाज ने अब अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। समाज ने स्पष्ट किया है कि रैली के दौरान किसी भी माओवादी नेता को महिमामंडित करने की न तो कोई मंशा थी और न ही यह कोई पूर्व नियोजित प्रयास था।
तकनीकी और मानवीय चूक बताया
सर्व आदिवासी समाज के संभागीय अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर ने इस मामले पर एक बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा कि कार्यक्रम और रैली के दौरान आदिवासी समाज से जुड़े पारंपरिक गीत इंटरनेट के माध्यम से चलाए जा रहे थे। इस क्रम में एक विवादित गाना अनजाने में बज गया, जिसे लेकर अब गलत अर्थ निकाले जा रहे हैं। उन्होंने इसे एक तकनीकी और मानवीय चूक बताया और कहा कि यह किसी विचारधारा का समर्थन नहीं था।
माओवादी विचारधारा के समर्थन से इनकार
समाज ने इस गलती को लेकर खेद जताया और कहा कि वे किसी भी विवाद या भ्रम को आगे बढ़ाना नहीं चाहते। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि नक्सल उन्मूलन के लिए सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियानों में समाज पूरी तरह से सरकार के साथ खड़ा है और हिंसा की किसी भी प्रवृत्ति का समर्थन नहीं करता।
विवादित गाना
गौरतलब है कि 10 फरवरी 2026 को जगदलपुर के धरमपुरा स्थित पीजी कॉलेज मैदान में सर्व आदिवासी समाज और सर्व मूल निवासी समाज के तत्वाधान में भूमकाल स्मृति दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के बाद शहर में एक रैली निकाली गई थी, जिसमें विवादित गाना बजने से यह विवाद उठ खड़ा हुआ था। अब समाज ने इस पूरे मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है और कहा कि यह एक तकनीकी गलती थी, जिसका कोई राजनीतिक या विचारधारात्मक मतलब नहीं निकाला जाए।

