रायपुर, 21 फरवरी। CAIT के राष्ट्रीय वाइस चेयरमैन एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (भारत सरकार) के सदस्य अमर पारवानी, छत्तीसगढ़ इकाई के चेयरमैन जितेंद्र दोशी, विक्रम सिंहदेव, अध्यक्ष परमानंद जैन, महामंत्री सुरिन्दर सिंह, कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल, कार्यकारी अध्यक्ष राजेंद्र जग्गी, राम मंधान, वासु मखीजा, भरत जैन, राकेश ओचवानी एवं शंकर बजाज ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि व्यापारिक हितों को ध्यान में रखते हुए ये सुझाव प्रस्तुत किए गए हैं।
बजट हेतु प्रमुख सुझाव इस प्रकार हैं
- ट्रेडर्स हेतु रियायती दर पर ऋण (Preferential Credit Policy) तथा मुख्यमंत्री मेरी दुकान योजना लागू की जाए, जिससे छोटे एवं मध्यम व्यापारियों को सस्ती दरों पर वित्तीय सहायता मिल सके।
- व्यापारियों के लिए बीमा एवं पेंशन योजना शुरू की जाए, ताकि असंगठित क्षेत्र के व्यापारियों को सामाजिक सुरक्षा मिल सके।
- Ease of Doing Business को बढ़ावा देने हेतु लाइसेंसिंग, रजिस्ट्रेशन एवं कर प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाए।
- मंडी शुल्क समाप्ति एवं कृषि उत्पादों पर लगने वाले व्यापारिक भार को कम किया जाए, जिससे उपभोक्ताओं को राहत और व्यापार को गति मिले।
- व्यापारिक क्षेत्रों में आधारभूत संरचना का विकास– स्मार्ट बाजार, पार्किंग, सुरक्षा, स्वच्छता एवं डिजिटल सुविधाओं का विस्तार किया जाए।
- कमर्शियल सेक्टर हेतु सोलर सब्सिडी योजना लागू की जाए, जिससे बिजली खर्च कम हो और हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिले।
- स्मार्ट टूरिज्म नीति के तहत स्थानीय व्यापार को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ा जाए, ताकि प्रदेश के छोटे व्यापारियों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।
CAIT पदाधिकारियों ने आशा व्यक्त की है कि राज्य सरकार आगामी बजट में इन सुझावों को शामिल कर व्यापारिक समुदाय को मजबूती प्रदान करेगी।

