तेलंगाना, 22 फरवरी। Maoist Surrender : माओवादी पार्टी के प्रमुख नेता तिप्परी तिरुपति उर्फ देव जी और केंद्रीय समिति के सदस्य मल्ला राजिरेड्डी समेत 16 अन्य माओवादियों ने 22 फरवरी को तेलंगाना एसआईबी (स्पेशल इंवेस्टिगेशन ब्रांच) के सामने हथियार डालकर आत्मसमर्पण कर दिया।

सुरक्षा बलों के ऑपरेशन ‘कगार’ के तहत नक्सलियों पर लगातार दबाव डाला जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी नेताओं को अगले दो दिनों में सार्वजनिक रूप से पेश किया जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार मुठभेड़ों और प्रमुख नेताओं के आत्मसमर्पण से माओवादी आंदोलन अब अंतिम चरण में प्रवेश कर गया है। 2021 में रामकृष्णा की मुठभेड़ ने माओवादी संगठन में खलबली मचा दी थी। इसके बाद हिडमा, संबाला केशव राव जैसे शीर्ष नेता मुठभेड़ में मारे गए। इसके बाद अन्य नेताओं जैसे आशन्ना, मल्लोजुला वेणुगोपाल ने भी आत्मसमर्पण किया।
सरकार ने 31 मार्च तक माओवादी आंदोलन को खत्म करने के लिए सुरक्षा बलों की घेराबंदी और नक्सली नेताओं की दबिश को तेज कर रखा है। ऑपरेशन ‘कगार’ के तहत नक्सली ठिकानों की तलाश, हाई प्रोफाइल नेताओं पर निगरानी और क्षेत्रों में लगातार मुठभेड़ की कार्रवाई जारी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि देव जी और अन्य नेताओं के आत्मसमर्पण से नक्सलियों का मनोबल टूटेगा और माओवादी आंदोलन में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा। यह घटनाक्रम सुरक्षा बलों के लिए बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है और इसे क्षेत्र में शांति बहाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस घटनाक्रम के बाद राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियां नक्सली गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं और कहा जा रहा है कि बाकी बचे नेताओं के आत्मसमर्पण की प्रक्रिया भी जल्द शुरू हो सकती है।
शांति और विकास की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता : विजय शर्मा
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नक्सलवाद के खिलाफ जारी अभियान पर सरकार की स्पष्ट रणनीति और प्रतिबद्धता को दोहराया है। इसी कड़ी में, शीर्ष माओवादी नेता तिप्पिरी तिरुपति उर्फ ‘देवजी’ के आत्मसमर्पण की खबर सामने आने के बाद, उन्होंने नक्सलियों को शांति प्रक्रिया की दिशा में कदम बढ़ाने का पुनः आह्वान किया है और बताया है कि सरकार सशस्त्र संघर्ष को छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वालों के पुनर्वास व सामाजिक समावेशन को प्राथमिकता दे रही है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास को स्थापित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

