CG GSDP : वर्ष 2025-26 के GSDP अग्रिम अनुमान जारी, छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को मिली नई गति

CG GSDP : वर्ष 2025-26 के GSDP अग्रिम अनुमान जारी, छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को मिली नई गति

रायपुर, 23 फरवरी। CG GSDP : छत्तीसगढ़ राज्य के आर्थिक परिदृश्य को दर्शाते हुए वर्ष 2025-26 के लिए सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) के अग्रिम (अ.) अनुमान जारी किए गए हैं। यह आंकड़े राज्य की सतत आर्थिक प्रगति, औद्योगिक विस्तार, कृषि सुदृढ़ीकरण एवं सेवा क्षेत्र में बढ़ती सक्रियता को प्रतिबिंबित करते हैं। रायपुर में जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, राज्य की अर्थव्यवस्था ने वर्ष 2025-26 में मजबूत वृद्धि दर दर्ज करने के संकेत दिए हैं। प्रारंभिक अनुमानों के मुताबिक चालू मूल्यों (Current Prices) पर सकल राज्य घरेलू उत्पाद में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि स्थिर मूल्यों (Constant Prices) पर भी सकारात्मक और संतुलित विकास दर का अनुमान लगाया गया है।

कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र

राज्य की अर्थव्यवस्था का आधार माने जाने वाले कृषि क्षेत्र में उत्पादकता में वृद्धि दर्ज की गई है। धान उत्पादन, बागवानी फसलों एवं वनोपज संग्रहण में वृद्धि ने ग्रामीण आय को सुदृढ़ किया है। पशुपालन एवं मत्स्य क्षेत्र में भी विस्तार देखा गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिला है।

औद्योगिक क्षेत्र

खनिज संपदा से समृद्ध राज्य में खनन एवं विनिर्माण गतिविधियों में वृद्धि हुई है। इस्पात, ऊर्जा एवं लघु उद्योगों के विस्तार ने औद्योगिक उत्पादन को गति दी है। निर्माण गतिविधियों में बढ़ोतरी से अधोसंरचना विकास को भी मजबूती मिली है।

सेवा क्षेत्र

व्यापार, परिवहन, संचार, बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं में निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है। डिजिटल सेवाओं और शहरी विस्तार के कारण सेवा क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभरा है।

प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि

प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, वर्ष 2025-26 में प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि का अनुमान है। यह राज्य में बढ़ती आर्थिक गतिविधियों, रोजगार सृजन और आय स्तर में सुधार का संकेत देता है।

संतुलित एवं समावेशी विकास

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित विभिन्न विकासोन्मुखी योजनाओं, अधोसंरचना निवेश, कृषि प्रोत्साहन कार्यक्रमों एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव राज्य की आर्थिक वृद्धि में परिलक्षित हो रहा है विशेषज्ञों के अनुसार, राज्य की अर्थव्यवस्था बहु-क्षेत्रीय विकास मॉडल पर आगे बढ़ रही है, जिसमें कृषि, उद्योग और सेवा—तीनों क्षेत्रों का संतुलित योगदान है।

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