रायपुर, 24 फरवरी। Oil Palm Cultivation : राज्य सरकार द्वारा किसानों की आय में वृद्धि और देश को खाद्य तेल उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से नेशनल मिशन ऑन एडिबल आयल्स-ऑयल पाम योजना के तहत ऑयल पाम की खेती को विस्तार देने के लिए बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य के किसानों को ऑयल पाम संस्थान द्वारा कृषक प्रशिक्षण एवं भ्रमण कार्यक्रम कराया जा रहा है। इसके लिए राज्य के विभिन्न जिलों से चयनित 40 कृषकों का दल आंध्र प्रदेश के पेदवेगी के लिए रवाना किया गया है। यह पहल किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को ऑयल पाम की उन्नत किस्मों, वैज्ञानिक रोपण पद्धति, संतुलित पोषण प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण तथा आधुनिक सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना है। विशेषज्ञों द्वारा खेत स्तर पर प्रशिक्षण के माध्यम से कृषकों को नवीन तकनीकों का प्रत्यक्ष अनुभव कराया जाएगा, जिससे वे अपने क्षेत्र में बेहतर उत्पादन और अधिक लाभ अर्जित कर सकें।
ऑयल पाम खेती को दीर्घकालिक एवं स्थिर आय का प्रभावी माध्यम माना जा रहा है। यह फसल 25 से 30 वर्षों तक सतत उत्पादन देती है तथा अंतरवर्ती फसलों के माध्यम से अतिरिक्त आय का अवसर भी प्रदान करती है। कम लागत में अधिक लाभ की संभावना, शासकीय अनुदान एवं तकनीकी मार्गदर्शन के कारण यह खेती किसानों के लिए सुरक्षित और लाभकारी विकल्प बनकर उभर रही है।
राज्य सरकार की इस पहल से किसानों में आधुनिक एवं व्यावसायिक कृषि के प्रति विश्वास बढ़ रहा है। ऑयल पाम खेती के विस्तार से जहां किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, वहीं देश की खाद्य तेल आयात निर्भरता कम करने में भी प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित होगी।

