रायपुर, 09 मार्च। Opium Farming : छत्तीसगढ़ विधानसभा के शून्यकाल में सोमवार को अफीम की खेती का मुद्दा गरमाया। विपक्ष ने विनायक ताम्रकार के खेत में अफीम की खेती को लेकर स्थगन प्रस्ताव सदन में लाया। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों को धान की बजाय अफीम की खेती करने पर मजबूर कर रही है और छत्तीसगढ़ को ‘धान का कटोरा’ से ‘अफीम का कटोरा’ बनाने की कोशिश की जा रही है।
विपक्ष ने इस मुद्दे पर काम रोककर चर्चा की मांग की। कांग्रेस के अन्य सदस्य जैसे विक्रम मंडावी, दलेश्वर साहू, लखेश्वर बघेल, कुंवर सिंह निषाद, द्वारिकाधीश यादव और उमेश पटेल ने भी इस मामले को उठाया।
गृहमंत्री ने दी जानकारी
गृहमंत्री विजय शर्माने बताया कि 6 मार्च 2026 को दुर्ग पुलिस को मुखबिर सूचना मिली कि थाना पुलगांव, समोदा गांव में अवैध अफीम की खेती हो रही है। पुलिस ने रेड की और 3 आरोपियों को उसी दिन गिरफ्तार किया। इस कार्यवाही में 6,224 किलोग्राम अफीम जप्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 7 करोड़ रुपये से अधिक है।
विपक्ष नाराज, हंगामा और निलंबन
स्थगन प्रस्ताव को सभापति ने अग्राह्य करार दिया, जिससे विपक्ष नाराज हो गया। नाराज विपक्ष गर्भगृह में पहुंचा और वहां नारेबाजी की। गर्भगृह में घुसने के दौरान विपक्षी विधायकों ने अवरोध किया, जिसके चलते नेता प्रतिपक्ष महंत, पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel सहित 29 कांग्रेस सदस्यों को स्वमेव निलंबित कर दिया गया।
विपक्ष ने गर्भगृह में बैठकर हंगामा जारी रखा, जिससे विधानसभा (Opium Farming) की कार्यवाही बाधित हुई और इसे पांच मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा। सदन की कार्यवाही में यह मुद्दा अब तक चर्चा का मुख्य केंद्र बना हुआ है और आगामी दिनों में अफीम की खेती पर सियासी गर्मी जारी रहने की संभावना है।

