Eid Festival 2026 : ईद से पहले अनोखी तस्वीर…! रोजा खोलने से पहले गणेश वंदना…मासूम बच्चे ने दिया धर्म से ऊपर इंसानियत का संदेश…यहां देखें वायरल VIDEO

Eid Festival 2026 : ईद से पहले अनोखी तस्वीर…! रोजा खोलने से पहले गणेश वंदना…मासूम बच्चे ने दिया धर्म से ऊपर इंसानियत का संदेश…यहां देखें वायरल VIDEO

नई दिल्ली, 21 मार्च। Eid Festival 2026 : हिन्दू-मुस्लिम तनाव के बीच देशभर में ईद-उल-फितर का त्योहार जहां भाईचारे और मोहब्बत के संदेश के साथ मनाया जा रहा है, वहीं केरल के एक मासूम बच्चे का वीडियो इंसानियत की सबसे खूबसूरत तस्वीर पेश कर रहा है।

इफ्तार से पहले भगवान गणेश की स्तुति गाते इस बालक ने यह साबित कर दिया कि धर्म अलग हो सकते हैं, लेकिन दिलों में बसने वाली मोहब्बत एक ही होती है। यह वीडियो आज के माहौल में सांप्रदायिक सौहार्द, आपसी सम्मान और एकता का मजबूत संदेश बनकर सामने आया है।

देशभर में ईद-उल-फितर बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाई जा रही है। एक महीने के रोज़े (रमज़ान) के बाद नए चांद के दीदार के साथ शव्वाल महीने की शुरुआत होती है और इसी के पहले दिन ईद का त्योहार मनाया जाता है। इस खास मौके पर लोग मस्जिदों में नमाज़ अदा करते हैं और एक-दूसरे को गले लगाकर खुशियां बांटते हैं।

इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। यह वीडियो केरल के 13 वर्षीय बच्चे रॉबिन जैन का बताया जा रहा है।

केरल के बच्चे ने पेश की सद्भाव की मिसाल

वीडियो में देखा जा सकता है कि बच्चा इफ्तार से पहले खाने की टेबल पर बैठा है, जहां तरह-तरह के पकवान सजे हुए हैं। लेकिन सबसे खास बात यह है कि रोजा खोलने से पहले वह भगवान गणेश की स्तुति ‘गणनायकाय’ गाता नजर आता है।

यह दृश्य लोगों को हैरान भी कर रहा है और भावुक भी। एक ओर जहां कुछ लोग इसे सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे का सुंदर उदाहरण बता रहे हैं, वहीं कई यूजर्स बच्चे और उसके परिवार की जमकर सराहना कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर इस वीडियो को ‘सच्चा सेक्युलरिज्म’ और ‘रियल केरल स्टोरी’ जैसे कमेंट्स मिल रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि इतनी कम उम्र में बच्चे ने जो संदेश दिया है, वह समाज के लिए प्रेरणादायक है। कुल मिलाकर, यह वायरल वीडियो सिर्फ एक बच्चे की प्रस्तुति नहीं, बल्कि देश की गंगा-जमुनी तहजीब, आपसी सम्मान और एकता का मजबूत संदेश बनकर सामने आया है, जहां त्योहार सिर्फ धर्म नहीं, बल्कि इंसानियत और प्रेम का प्रतीक होते हैं।

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