Tax Rules : 1 अप्रैल से बदलेंगे सैलरी स्ट्रक्चर के नियम…! अलाउंस पर नया टैक्स फॉर्मूला…सैलरी कर्मचारियों पर क्या होगा असर…? यहां जानिए नया Tax Structure

Tax Rules : 1 अप्रैल से बदलेंगे सैलरी स्ट्रक्चर के नियम…! अलाउंस पर नया टैक्स फॉर्मूला…सैलरी कर्मचारियों पर क्या होगा असर…? यहां जानिए नया Tax Structure

नई दिल्‍ली, 21 मार्च। Tax Rules : केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (Central Board of Direct Taxes) ने इनकम टैक्स नियम, 2026 को नोटिफाई कर दिया है। नए नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे, जिनमें सैलरी कर्मचारियों को मिलने वाले अलाउंस, सुविधाएं और टैक्सेशन से जुड़े कई बड़े बदलाव किए गए हैं।

HRA में बड़ा बदलाव

पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों में रहने वाले कर्मचारी अपने वेतन का 50% तक HRA छूट क्लेम कर सकेंगे। वहीं अन्य शहरों के लिए यह सीमा 40% रहेगी। हालांकि, नई टैक्स रिजीम में HRA छूट नहीं मिलेगी।

बच्चों के भत्तों में भारी बढ़ोतरी

एजुकेशन अलाउंस: ₹100 से बढ़ाकर ₹3000 प्रति माह (प्रति बच्चा)। हॉस्टल अलाउंस: ₹300 से बढ़ाकर ₹9000 प्रति माह
(अधिकतम 2 बच्चों के लिए लागू)

कार उपयोग पर नए टैक्स नियम

कंपनी या किराए की कार पर टैक्स क्लेम के लिए नई लिमिट तय की गई है- 1.6 लीटर तक इंजन: ₹5,000 + ₹3,000 (ड्राइवर)। 1.6 लीटर से अधिक: ₹7,000 + ₹3,000 (ड्राइवर)। कर्मचारी के खर्च और कंपनी द्वारा खर्च के मामलों में भी अलग-अलग लिमिट तय की गई है।

घरेलू सेवाओं पर टैक्स

सफाईकर्मी, माली, चौकीदार जैसी सेवाओं पर खर्च अब टैक्सेबल होगा। गैस, बिजली, पानी जैसी सुविधाएं यदि कंपनी द्वारा दी जाती हैं, तो उनका टैक्स उत्पादन लागत के आधार पर तय होगा।

गिफ्ट और वाउचर

एक वित्तीय वर्ष में ₹15,000 से ज्यादा के गिफ्ट या वाउचर अब टैक्सेबल इनकम माने जाएंगे।

फूड और कूपन

ऑफिस टाइम में मिलने वाला भोजन टैक्स फ्री रहेगा। कैश वाउचर पर ₹200 प्रति मील की सीमा लागू होगी।

कटौती के लिए जरूरी दस्तावेज

पुरानी टैक्स व्यवस्था चुनने वालों को अब, HRA के लिए मकान मालिक का PAN, पता और किराया विवरण। LTA के लिए यात्रा का प्रमाण। होम लोन ब्याज के लिए लोन प्रदाता की डिटेल देना अनिवार्य होगा।

क्या है असर?

इन नए नियमों से जहां कुछ अलाउंस में राहत मिली है, वहीं कई सुविधाओं को टैक्स के दायरे में लाकर सख्ती भी बढ़ाई गई है। अब कर्मचारियों को टैक्स प्लानिंग और डॉक्यूमेंटेशन पर ज्यादा ध्यान देना होगा।

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