रायपुर, 22 मार्च। Ramakrishna Hospital : रायपुर के रामकृष्ण अस्पताल में हुए सेप्टिक टैंक हादसे की जांच अभी शुरूआती चरण में ही है, लेकिन इस बीच एक और गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि सफाई ठेकेदार और उसके सहयोगी मृतकों के परिजनों को धमकाने में लगे हुए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, ठेकेदार किशन और उसके साथियों द्वारा पीड़ित परिवारों पर वीडियो न बनाने और सोशल मीडिया पर घटना को वायरल न करने का दबाव बनाया जा रहा है। इसको लेकर आज दोपहर करीब 2 बजे बीएसयूपी कॉलोनी भाठागांव में पीड़ित परिवारों की बैठक बुलाई गई है।
जांच में सामने आई लापरवाही
अब तक पुलिस और राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष की प्रारंभिक जांच में ठेकेदार की गंभीर लापरवाही सामने आई है। बताया जा रहा है कि सेप्टिक टैंक की सफाई सूर्यास्त के बाद कराई गई, जो नियमों के खिलाफ है। इसके अलावा मजदूरों को पीपी किट और अन्य सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध नहीं कराए गए थे।
पुलिस जांच पर उठे सवाल
मामले में टिकरापारा थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है, लेकिन अब तक ठेकेदार से पूछताछ शुरू नहीं होने की बात सामने आई है। इससे जांच की गति पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मानवाधिकार आयोग ने मांगी रिपोर्ट
इस गंभीर मामले में राज्य मानवाधिकार आयोग ने भी संज्ञान (Ramakrishna Hospital) लेते हुए जिला कलेक्टर से एक माह के भीतर रिपोर्ट मांगी है। ऐसे में यदि जांच में लापरवाही बरती गई, तो संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल, पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहे हैं और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

