नई दिल्ली, 23 मार्च। Bengal Elections : पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने लगभग 30 साल बाद विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है।
उन्होंने कहा कि पार्टी यदि उन्हें मैदान में उतारती है तो वे बहरामपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। अधीर चौधरी ने स्पष्ट किया कि एक पार्टी कार्यकर्ता के तौर पर वे संगठन के फैसले का पालन करेंगे।
बहरामपुर से लड़ने की तैयारी
मीडिया से बातचीत में अधीर चौधरी ने बताया कि पार्टी नेतृत्व चाहता है कि वे बहरामपुर सीट से चुनाव लड़ें। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र उनके लिए नया नहीं है, क्योंकि वे पहले बहरामपुर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
कांग्रेस का प्रदर्शन रहा कमजोर
गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने लेफ्ट फ्रंट के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा था, लेकिन 294 सदस्यीय विधानसभा में एक भी सीट जीतने में असफल रही थी।
कड़ा मुकाबला तय
बहरामपुर सीट पर इस बार त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है। वर्तमान में इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी के विधायक सुब्रत मोइत्रा (कंचन) काबिज हैं, जिन्हें पार्टी ने फिर से उम्मीदवार बनाया है। वहीं तृणमूल कांग्रेस ने नारू गोपाल मुखर्जी को मैदान में उतारा है।
1996 में बने थे विधायक
अधीर रंजन चौधरी ने पहली बार 1991 में चुनाव लड़ा था, लेकिन हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 1996 में उन्होंने जीत हासिल कर विधानसभा में प्रवेश किया। 1999 में उन्होंने लोकसभा चुनाव के लिए सीट छोड़ दी और लंबे समय तक सांसद रहे। हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें यूसुफ पठान से हार का सामना करना पड़ा। अधीर चौधरी ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक हालात में उनका लक्ष्य कांग्रेस को फिर से मजबूत करना है और पार्टी का झंडा बुलंद रखना है।

