रायपुर, 24 मार्च। Advanced Cultivation : महासमुंद जिले के बागबाहरा विकासखण्ड के ग्राम कुल्हरिया की कृषक उमा शुक्ला को राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत फल क्षेत्र विस्तार योजना से जुड़कर खेती के क्षेत्र में अच्छी सफलता मिली। कृषक शुक्ला बताती है कि पूर्व में वे अपनी 1.62 हेक्टेयर भूमि पर पारंपरिक रूप से धान की खेती करती थीं, जिसमें औसतन 15 से 18 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन होता था और आय सीमित रहती थी। सिंचित रकबा 1.00 हेक्टेयर तथा असिंचित 0.60 हेक्टेयर होने के बावजूद पारंपरिक खेती से अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा था।
उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में शुक्ला दम्पति ने अपनी भूमि पर ड्रेगन फ्रूट की उन्नत खेती प्रारंभ की। उन्होंने आधुनिक तकनीकों को अपनाया, जिससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। श्रीमती शुक्ला बताती है कि ड्रेगन फ्रूट की खेती शुरू करने के बाद पहले ही वर्ष में उन्हें लगभग 40 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन प्राप्त हुआ, जिसे महासमुंद एवं बागबाहरा मंडी में लगभग 80 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से विक्रय किया। इससे उन्हें लगभग 1,25,000 रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हुई।
वही पहले धान की खेती में प्रति एकड़ कुल आय सीमित थी और लागत निकालने के बाद लाभ बहुत कम रह जाता था। ड्रेगन फ्रूट की खेती में प्रारंभिक लागत अधिक होने के बावजूद बेहतर बाजार मूल्य और उत्पादन के कारण कुल लाभ में वृद्धि हुई है। उमा शुक्ला की इस सफलता ने आसपास के किसानों को भी प्रेरित किया है। उनके प्रयासों को देखकर अन्य कृषक भी पारंपरिक खेती छोड़कर उद्यानिकी फसलों की खेती की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

