नई दिल्ली। Da Hong Pao Tea : दुनिया भर में चाय के शौकीनों के लिए एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। आमतौर पर 100 से 2000 रुपये प्रति किलो तक मिलने वाली चाय के बीच एक ऐसी चाय भी मौजूद है, जिसकी कीमत करोड़ों में आंकी जाती है।

दा-होंग पाओ चाय को दुनिया की सबसे महंगी और दुर्लभ चाय माना जाता है। यह चाय फुजियान प्रांत की वुईयी पहाड़ियों में उगती है और इसे ‘बिग रेड रोब’ के नाम से भी जाना जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसकी कीमत करीब 9 करोड़ रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुकी है।
स्वाद और इतिहास दोनों खास
जानकारी के अनुसार, इस चाय की दुर्लभता ही इसकी सबसे बड़ी खासियत है। असली दा-होंग पाओ केवल कुछ प्राचीन ‘मदर बुशेस’ से प्राप्त होती है, जिनकी संख्या बेहद कम है और ये सैकड़ों साल पुराने पौधे हैं। इनसे सालभर में बहुत सीमित मात्रा में पत्तियां मिलती हैं, जिससे इसकी कीमत आसमान छूती है।
इतिहास की बात करें तो मिंग राजवंश से जुड़ी एक कथा के अनुसार, इस चाय से एक रानी की बीमारी ठीक हुई थी। इसके बाद सम्राट ने इन पौधों को सम्मान स्वरूप लाल वस्त्रों से ढंकवा दिया, जिससे इसका नाम ‘दा-होंग पाओ’ पड़ा।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस चाय का स्वाद गहरा, मिट्टी जैसा और हल्का मीठा होता है, जिसकी खुशबू लंबे समय तक बनी रहती है। इसे ‘रॉक टी’ भी कहा जाता है, क्योंकि यह चट्टानों के बीच उगती है और वहां के खनिज तत्वों को सोख लेती है।
बताया जाता है कि इन प्राचीन पौधों को चीन में राष्ट्रीय धरोहर माना जाता है और उनकी सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। साल 2006 के बाद से इन मूल पौधों से पत्तियां तोड़ने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है, जिससे यह चाय अब लगभग दुर्लभ हो चुकी है।
आज बाजार में जो दा-होंग पाओ उपलब्ध है, वह मूल पौधों की कटिंग से तैयार नए पौधों से बनाई जाती है, लेकिन उसकी कीमत भी काफी अधिक होती है।


