रायपुर, 28 मार्च। Chambers Initiative : रायपुर कलेक्ट्रेट परिसर में शनिवार को आयोजित अहम बैठक में गैस, पेट्रोल, डीजल और उर्वरकों की आपूर्ति को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। वैश्विक परिस्थितियों से उत्पन्न संकट के बीच प्रशासन और व्यापारिक संगठनों के बीच हुई इस चर्चा में औद्योगिक इकाइयों को बड़ी राहत मिली है।

बैठक में नगर निगम आयुक्त विश्वदीप, अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक एम.एस. पैकरा, खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा सहित कई अधिकारी और उद्योग-व्यापार प्रतिनिधि मौजूद रहे।
चेंबर की पहल रंग लाई
छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के कार्यकारी अध्यक्ष जसप्रीत सिंह सलूजा ने अधिकारियों के सामने प्रमुख मुद्दा उठाते हुए कहा कि, गैस एजेंसियां कमर्शियल और इंडस्ट्रियल कनेक्शन में भ्रम पैदा कर रही हैं, जबकि सिलेंडर केवल डोमेस्टिक और कमर्शियल ही होते हैं। इस कारण उद्योगों को गैस देने से इनकार किया जा रहा है
उन्होंने मांग रखी कि पिछले 11 महीनों के औसत के आधार पर औद्योगिक इकाइयों को नियमित गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।
उद्योगों पर असर का मुद्दा उठा
चेंबर के सलाहकार संतोष जैन ने बताया कि, प्लास्टिक उद्योग में LPG का उपयोग बेहद जरूरी है। सप्लाई बाधित होने से पानी की टंकियों जैसी जरूरी चीजों की कमी हो रही है। इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है।
कालाबाजारी पर सख्ती की मांग
उपाध्यक्ष प्रहलाद शादीजा ने गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी की मांग उठाई, ताकि वास्तविक उपभोक्ताओं को परेशानी न हो। बैठक में सहमति बनी कि, औद्योगिक उपभोक्ताओं को अब नियमित गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और संतुलित बनाया जाएगा। कुल मिलाकर, इस बैठक को उद्योगों के लिए राहत भरी पहल माना जा रहा है, जिससे उत्पादन और सप्लाई चेन पर सकारात्मक असर पड़ेगा।

