नई दिल्ली, 29 मार्च। PAN Card Rules : देश में PAN Card अब Aadhaar Card की तरह ही एक अहम दस्तावेज बन चुका है। हर वित्तीय काम, बैंकिंग, KYC और टैक्स फाइलिंग में इसकी जरूरत होती है। नए वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल 2026 से पैन से जुड़े कई बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों और कारोबारियों पर पड़ेगा।
1. पैन बनवाने के नियम सख्त
अब सिर्फ आधार कार्ड के आधार पर पैन नहीं बनेगा। आधार के साथ एक और ओरिजिनल डॉक्यूमेंट (जैसे बर्थ सर्टिफिकेट या ड्राइविंग लाइसेंस) देना जरूरी होगा।
2. बैंक ट्रांजैक्शन पर नया नियम
पहले 50,000 रुपये जमा करने पर पैन जरूरी था। अब यह सीमा सालाना 10 लाख रुपये कर दी गई है। यानी एक साल में 10 लाख या उससे ज्यादा कैश जमा करने पर पैन अनिवार्य होगा।
3. वाहन खरीदने पर बदलाव
अब 5 लाख रुपये से ज्यादा के वाहन (टू-व्हीलर या फोर-व्हीलर) खरीदने पर ही पैन देना होगा। इससे कम कीमत पर पैन जरूरी नहीं होगा।
4. प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन में राहत
पहले 10 लाख रुपये पर पैन जरूरी था। अब यह लिमिट बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है।
5. होटल और रेस्टोरेंट बिल पर बदलाव
पहले 50,000 रुपये से ज्यादा के कैश बिल पर पैन देना होता था। अब यह सीमा बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है। बीमा प्रीमियम पर भी इसी तरह राहत दी गई है।
6. 2 लाख से ज्यादा ट्रांजैक्शन पर पैन अनिवार्य
किसी भी कैटेगरी से बाहर होने पर भी। 2 लाख रुपये से ज्यादा के लेनदेन पर पैन दिखाना जरूरी होगा
क्या है असर?
आम लोगों को कुछ मामलों में राहत। वहीं बड़े ट्रांजैक्शन (PAN Card Rules) पर निगरानी और सख्ती बढ़ेगी। फर्जीवाड़े और टैक्स चोरी पर लगेगी लगाम। कुल मिलाकर, नए नियमों का मकसद पारदर्शिता बढ़ाना और सिस्टम को मजबूत करना है।

