रायपुर, 01 अप्रैल। Debate on Naxalism : छत्तीसगढ़ की सियासत में नक्सलवाद के मुद्दे पर बयानबाजी तेज होती जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा केंद्रीय गृहमंत्री को लगातार डिबेट की चुनौती दिए जाने पर अब सांसद संतोष पांडेय ने कड़ा पलटवार किया है।
संतोष पांडेय ने इस मुद्दे पर राहुल गांधी को भी घेरते हुए कहा कि, जब लोकसभा में नक्सलवाद जैसे गंभीर विषय पर चर्चा हो रही थी, तब वे सदन में मौजूद नहीं थे। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने इस महत्वपूर्ण मुद्दे से ‘पलायन’ किया।
सांसद पांडेय ने कहा कि एक तरफ भूपेश बघेल डिबेट की चुनौती दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनकी पार्टी के शीर्ष नेता संसद में इस विषय पर चर्चा से दूरी बनाते नजर आए। उन्होंने बघेल से सीधे सवाल करते हुए कहा कि पहले उनके तीन सवालों का जवाब दिया जाए, उसके बाद किसी भी मंच पर चर्चा के लिए वे तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व में कवासी लखमा से जुड़े मुद्दों पर भी सवाल उठाए गए थे और अब सच्चाई सामने आनी चाहिए।
पांडेय ने आगे कहा कि नक्सल हिंसा में स्कूलों और अस्पतालों को निशाना बनाने वालों के प्रति नरमी या सहानुभूति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने राज बब्बर के एक पुराने बयान का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे कृत्यों की तुलना शहीदों से करना दुर्भाग्यपूर्ण है। फिलहाल इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति (Debate on Naxalism) में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने के आसार हैं। इस बयान के बाद प्रदेश में नक्सलवाद को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है।

