बिलासपुर, 02 अप्रैल। Big Update Jaggi Murder Case : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में एक बार फिर बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने अहम आदेश देते हुए अमित जोगी को तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया है।
चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली डिवीजन बेंच ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया, जिससे इस हाई-प्रोफाइल केस में नया मोड़ आ गया है।
20 साल पुराने केस में फिर हलचल
यह मामला 4 जून 2003 का है, जब रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस समय यह घटना पूरे राज्य में सनसनी का कारण बनी थी। जग्गी नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता और कोषाध्यक्ष थे।
राजनीतिक कनेक्शन
रामावतार जग्गी को पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल का बेहद करीबी माना जाता था, जिससे इस हत्याकांड ने राजनीतिक रंग भी ले लिया था।
रामावतार जग्गी हत्याकांड में हाईकोर्ट के इस आदेश ने एक बार फिर पूरे मामले को सुर्खियों में ला दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आगे की कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में जाती है और इस चर्चित केस में क्या नया मोड़ आता है।

