नई दिल्ली, 06 अप्रैल। CAIT Warns the Govt : पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अब छत्तीसगढ़ के व्यापार और उद्योग पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ (CAIT) ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए केंद्र सरकार से तुरंत राहत और सावधानीपूर्ण कदम उठाने की मांग की है।
CAIT के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर परवानी ने बताया कि संगठन ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र भेजकर मौजूदा हालात पर चिंता जताई है।
सप्लाई चेन पर पड़ सकता है असर
CAIT ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के चलते कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी, सप्लाई में बाधा और लागत में इजाफा हो सकता है, जिसका असर पेट्रोकेमिकल, फार्मा, टेक्सटाइल, उर्वरक, केमिकल, ऑटो कंपोनेंट और लॉजिस्टिक्स जैसे कई सेक्टरों पर पड़ेगा।
निर्यातकों को भी झटका संभव
संगठन के मुताबिक निर्यातकों को बढ़े हुए फ्रेट और बीमा खर्च, शिपमेंट में देरी और भुगतान में अनिश्चितता जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, जिससे उनकी वैश्विक प्रतिस्पर्धा प्रभावित होगी।
MSME पर बढ़ेगा दबाव
CAIT ने चेतावनी दी कि इन परिस्थितियों में MSME सेक्टर पर सबसे ज्यादा दबाव पड़ेगा। बढ़ती लागत, वर्किंग कैपिटल की कमी और सप्लाई चेन में बाधा से छोटे व्यापारियों और उद्योगों पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है।
सरकार से ये मांगें
CAIT ने सरकार से कई राहत उपायों की मांग की है, जिनमें MSMEs और छोटे व्यापारियों के लिए ऋण चुकाने में राहत, एक विशेष ऋण गारंटी योजना, प्रभावित क्षेत्रों के लिए ब्याज सब्सिडी, ईंधन और कच्चे माल की कीमतों पर नियंत्रण, तथा निर्यातकों के लिए बीमा और त्वरित रिफंड की सुविधा शामिल है।
टास्क फोर्स बनाने की मांग
संगठन ने ‘पश्चिम एशिया प्रभाव आकलन और प्रतिक्रिया कार्य बल’ बनाने का भी सुझाव दिया है, जिसमें विभिन्न मंत्रालय, RBI, ट्रेड बॉडी और विशेषज्ञ शामिल हों, ताकि हालात की लगातार समीक्षा कर समय पर फैसले लिए जा सकें।
सरकार के प्रयासों की सराहना
CAIT ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (CAIT Warns the Govt) के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से अब तक सप्लाई चेन स्थिर बनी हुई है। संगठन ने उम्मीद जताई कि समय पर उठाए गए कदम भारत के व्यापार और उद्योग को इस वैश्विक संकट से सुरक्षित रखने में मदद करेंगे।



