रायपुर/बिलासपुर, 06 अप्रैल। CM Sai Statement : 23 साल पुराने बहुचर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाते हुए छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने पूर्व विधायकअमित जोगी को हत्या और आपराधिक साजिश का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
CM विष्णु देव साय की प्रतिक्रिया
फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, ‘पहले अमित जोगी को बरी कर दिया गया था, जबकि अन्य आरोपियों को सजा हो चुकी थी। पूरे मामले में वे मुख्य आरोपी थे। अब हाईकोर्ट ने जो निर्णय दिया है, उसका सम्मान किया जाना चाहिए। फैसला देर से आया, लेकिन दुरुस्त आया।’ यह फैसला छत्तीसगढ़ की राजनीति और न्यायिक व्यवस्था दोनों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
ट्रायल कोर्ट के फैसले को बताया गलत
मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा की खंडपीठ ने CBI की अपील स्वीकार करते हुए 31 मई 2007 के ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलट दिया। अदालत ने आईपीसी की धारा 302 और 120-बी के तहत दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और 1,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि एक ही गवाही के आधार पर अन्य आरोपियों को सजा देना और कथित मुख्य साजिशकर्ता को बरी करना कानूनी रूप से असंगत था।
क्या है पूरा मामला
Ram Avtar Jaggi, जो Nationalist Congress Party (NCP) के नेता थे, की 4 जून 2003 को रायपुर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कुल 31 आरोपी थे, जिनमें से कुछ को पहले ही सजा मिल चुकी है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर फिर खुला केस
ट्रायल कोर्ट द्वारा बरी किए जाने के बाद मृतक के पुत्र सतीश जग्गी ने भारत का सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मामला हाईकोर्ट में दोबारा खुला और लंबी सुनवाई के बाद यह फैसला आया।
CM विष्णु देव साय की प्रतिक्रिया
फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (CM Sai Statement) ने कहा, ‘पहले अमित जोगी को बरी कर दिया गया था, जबकि अन्य आरोपियों को सजा हो चुकी थी। पूरे मामले में वे मुख्य आरोपी थे। अब हाईकोर्ट ने जो निर्णय दिया है, उसका सम्मान किया जाना चाहिए। फैसला देर से आया, लेकिन दुरुस्त आया।’ यह फैसला छत्तीसगढ़ की राजनीति और न्यायिक व्यवस्था दोनों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

