नई दिल्ली, 07 अप्रैल। Bastar2_0 : छत्तीसगढ़ में ‘बस्तर 2.0’ की शुरुआत की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर बस्तर के समग्र विकास का विस्तृत ब्लूप्रिंट सौंपा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को मानसून के बाद बस्तर दौरे का आमंत्रण भी दिया, जहां कई बड़ी परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण की योजना है।
बस्तर के विकास का मास्टर प्लान तैयार

मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर सहित पूरे क्षेत्र में नक्सलवाद समाप्त (Bastar2_0) होने के बाद अब शांति का माहौल है और विकास का नया दौर शुरू हो चुका है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए तैयार 360 डिग्री विकास योजना प्रधानमंत्री के सामने प्रस्तुत की।
इस ब्लूप्रिंट में ‘सैचुरेशन, कनेक्ट, फैसिलिटेट, एम्पावर और एंगेज’ रणनीति के तहत बस्तर के हर गांव तक सड़क, बिजली और मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। 2027 तक अधूरी सड़कों को पूरा करने के साथ 228 नई सड़कों और 267 पुलों के निर्माण का प्रस्ताव है, वहीं 61 नई परियोजनाओं के लिए केंद्र से विशेष सहायता मांगी गई है।
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े बदलाव की तैयारी है। 45 पोटा केबिन स्कूलों को स्थायी भवनों में बदला जाएगा, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। युवाओं के लिए 15 स्टेडियम और मल्टीपर्पज हॉल का निर्माण प्रस्तावित है।
रेल, एयरपोर्ट, अस्पताल…मिलेगी विकास की नई उड़ान
कृषि और सिंचाई को बढ़ावा देने के लिए इंद्रावती नदी पर देउरगांव और मटनार परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनसे 31,840 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी। वहीं, 2029 तक 85% परिवारों की आय 15 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रति माह करने का लक्ष्य रखा गया है।
स्टार्टअप और रोजगार के क्षेत्र में भी सरकार ने बड़ा लक्ष्य तय किया है। ‘अंजोर विजन 2047’ और ‘विकसित भारत@2047’ के तहत 2030 तक 5,000 स्टार्टअप तैयार करने की योजना है। साथ ही एक लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 40 हजार को रोजगार मिल चुका है।
पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात और कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान जैसे स्थलों को विकसित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में बस्तर को नई दिशा (Bastar2_0) और गति मिलेगी। प्रस्तावित दौरे के दौरान रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन, जगदलपुर एयरपोर्ट विस्तार, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और एजुकेशन सिटी जैसी कई बड़ी परियोजनाओं की शुरुआत हो सकती है। इस पहल को बस्तर के विकास के लिए टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है, जिससे क्षेत्र में रोजगार, बुनियादी सुविधाओं और निवेश के नए अवसर खुलेंगे।


