रायपुर, 08 अप्रैल। Liquor Scam Update : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में बड़ा अपडेट सामने आया है। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो EOW ने रायपुर की स्पेशल कोर्ट में 9वां पूरक चालान पेश किया है। करीब 1500 पन्नों के इस चालान में कई अहम आरोपों और सबूतों का विस्तार से उल्लेख किया गया है।
जांच एजेंसी के मुताबिक अब तक इस मामले में कुल 51 आरोपियों के खिलाफ अभियोग पत्र दाखिल किया जा चुका है, जिससे घोटाले की व्यापकता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
कौन-कौन हैं आरोपी?
मुख्यमंत्री सचिवालय में तत्कालीन उप-सचिव सौम्या चौरसिया पर अपनी आधिकारिक स्थिति का दुरुपयोग करके एक शराब सिंडिकेट को संरक्षण और प्रशासनिक सहायता प्रदान करने का आरोप है। के.के. श्रीवास्तव ने अवैध नकद लेन-देन और इस नेटवर्क के संचालन में सक्रिय भूमिका निभाई। देवेंद्र दादसेना अवैध धन को सुरक्षित रखने और उसे आगे पहुंचाने में शामिल थे।
कैसे हुआ घोटाला?
EOW के अनुसार, आरोपियों ने मिलकर अवैध नगदी के उठाव, परिवहन और निवेश का पूरा नेटवर्क तैयार किया था। वहीं Enforcement Directorate (ED) की जांच में सामने आया है कि यह घोटाला 3200 करोड़ रुपए से अधिक का हो सकता है।
ED द्वारा दर्ज FIR में अनिल टुटेजा, एपी त्रिपाठी और अनवर ढेबर जैसे नाम भी सामने आए हैं। जांच के अनुसार, पूरे घोटाले को A, B और C श्रेणियों में अंजाम दिया गया।
जांच जारी, और खुलासों के संकेत
जांच एजेंसियों का कहना है कि इस घोटाले में कई शासकीय-अशासकीय लोग, राजनीतिक हस्तियां और कंपनियां भी शामिल हो सकती हैं। इनके खिलाफ अलग-अलग पूरक चालान पेश किए जाएंगे। फिलहाल एजेंसियां (Liquor Scam Update) पूरे सिंडिकेट की जड़ तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हैं और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

