नई दिल्ली/महेश्वर, 10 अप्रैल। Minor Marriage Case : कुंभ मेले के दौरान प्रसिद्धि पाने वाली मोनालिसा भोसले की शादी की कहानी में एक बड़ा मोड़ आ गया है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच में मोनालिसा को नाबालिग पाया गया है, जिसके बाद पूरे मामले ने गंभीर कानूनी रूप ले लिया है।
आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य के नेतृत्व में हुई जांच के बाद, मोनालिसा से विवाह करने वाले फरमान खान के खिलाफ महेश्वर थाने में POCSO एक्ट सहित कई धाराओं में FIR दर्ज की गई है।
जांच में क्या सामने आया?
जांच में पाया गया कि मोनालिसा, जो पारधी जनजाति समुदाय से संबंध रखती है, वास्तव में नाबालिग है। सरकारी अस्पताल रिकॉर्ड के अनुसार उसका जन्म 30 दिसंबर 2009 को हुआ था। इस आधार पर मार्च 2026 में हुई शादी के समय उसकी उम्र करीब 16 साल थी। जांच टीम ने यह भी पाया कि शादी के लिए इस्तेमाल किया गया जन्म प्रमाण पत्र गलत जानकारी के आधार पर जारी किया गया था, जिसे अब निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
कानूनी शिकंजा कसता गया
मामले में आरोपी के खिलाफ, POCSO एक्ट, भारतीय न्याय संहिता (BNS), SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की गई है।
राजनीतिक और संगठनों के लिंक की भी जांच
शिकायत में कुछ राजनीतिक व्यक्तियों और संगठनों की संभावित भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी जांच के अधीन है।
आयोग सख्त, DGP तलब
आयोग ने इस मामले को गंभीरता (Minor Marriage Case) से लेते हुए 22 अप्रैल 2026 को केरल और मध्य प्रदेश के डीजीपी को तलब किया है। साथ ही, विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजने की प्रक्रिया जारी है।
बता दें कि, इस पूरे मामले के दौरान, मनोज मिश्रा ने शुरू से ही गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे घटनाओं के पूरे क्रम पर संदेह पैदा हो गया है। न केवल उन्होंने, बल्कि मोनालिसा के पिता ने भी, इस शादी को ‘लव जिहाद’ करार देते हुए अधिकारियों और प्रशासन से हस्तक्षेप करने की अपील की थी।

