रायपुर, 13 अप्रैल। Cyber Fraud Alert : छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी में साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है, जहां अज्ञात ठगों ने कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला के नाम का दुरुपयोग कर अधिकारियों से लाखों रुपये ट्रांसफर कराने की कोशिश की।

बताया गया कि अधिकारियों को एक फर्जी मोबाइल नंबर से व्हाट्सएप पर मैसेज भेजा गया, जिसमें खुद को एमडी बताते हुए कहा गया कि वे मीटिंग में व्यस्त हैं और तुरंत 49 लाख 60 हजार 801 रुपये RTGS के जरिए एक खाते में ट्रांसफर करने को कहा गया।
मैसेज में बैंक डिटेल्स, अकाउंट नंबर और IFSC कोड भी दिया गया था, जिससे मामला पूरी तरह असली लगे। साथ ही जल्दबाजी का दबाव बनाकर तुरंत कार्रवाई करने को कहा गया, जो साइबर ठगों की आम चाल मानी जाती है।
अधिकारियों की सतर्कता से बची ठगी
कंपनी के अधिकारियों ने सतर्कता दिखाते हुए इस मैसेज की पुष्टि की, जिसके बाद यह साफ हो गया कि यह एक सुनियोजित साइबर फ्रॉड है। घटना की जानकारी मिलते ही प्रबंधन ने सभी कर्मचारियों को अलर्ट जारी किया और ऐसे किसी भी मैसेज पर प्रतिक्रिया न देने के निर्देश दिए।
1930 पर शिकायत दर्ज
मामले की शिकायत तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर दर्ज कराई गई है।
कैसे करते हैं ठग वारदात?
विशेषज्ञों के अनुसार, साइबर अपराधी अक्सर ऐसे मैसेज में
- “मैं मीटिंग में हूं”
- “तुरंत पेमेंट करो”
- “इसे गोपनीय रखो”
जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, ताकि सामने वाला (Cyber Fraud Alert) बिना सोचे-समझे पैसा ट्रांसफर कर दे।
क्या रखें सावधानी?
- किसी भी WhatsApp/मैसेज के जरिए मिले भुगतान निर्देश पर भरोसा न करें
- हमेशा अधिकारी से ऑफिशियल नंबर पर पुष्टि करें
- संदिग्ध नंबर को तुरंत ब्लॉक करें
- जरूरत पड़ने पर 1930 पर शिकायत करें

