रायपुर, 11 सितंबर। Counterattack : उप राष्ट्रपति चुनाव में कथित वोट खरीदी को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर सियासी पारा चढ़ गया है। कांग्रेस ने बीजेपी पर चुनाव में ‘वोट की खरीद-फरोख्त’ का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र की नींव को कमजोर किया जा रहा है।
इस पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पलटवार करते हुए कहा, “बीजेपी ऐसी राजनीति नहीं करती। अटल बिहारी वाजपेयी जैसे नेता ने एक वोट के अभाव में सरकार गंवा दी थी। अगर खरीदना होता तो तब कई वोट खरीदे जा सकते थे। लेकिन हमारी पार्टी सिद्धांतों पर चलती है।”
सीएम ने आगे कहा कि कांग्रेस बार-बार अनर्गल आरोप लगाकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है, जबकि सच्चाई यह है कि बीजेपी एक वोट की कीमत को लोकतांत्रिक नैतिकता से तौलती है, ना कि पैसों से।
क्यों अहम है यह बयान
सीएम का यह बयान सीधे कांग्रेस के आरोपों पर सियासी जवाब माना जा रहा है। कांग्रेस ने दावा किया था कि उप राष्ट्रपति चुनाव में सत्ता पक्ष ने ‘पैसे और ताकत’ के बल पर वोट जुटाए। हालांकि बीजेपी ने इसे पूरी तरह नकारते हुए अपने नैतिक आदर्शों की दुहाई दी।
अटल बिहारी वाजपेयी का दिया उदाहरण
सीएम साय ने अटल बिहारी वाजपेयी की 1999 की सरकार का हवाला दिया, जब उनकी सरकार एक वोट से गिर गई थी। उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी सिद्धांतों से समझौता करती, तो वो एक वोट ‘खरीद”‘ सकती थी, लेकिन पार्टी ने नैतिकता से समझौता नहीं किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उप राष्ट्रपति चुनाव के बहाने कांग्रेस और बीजेपी के बीच फिर एक बार विचारधारा की टकराहट सामने आई है। आने वाले समय में यह मुद्दा संसद और राज्य विधानसभाओं तक भी पहुंच सकता है।

