नई दिल्ली, 5 फरवरी। Meghalaya Coal Mine Blast : मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले में गुरुवार को एक अवैध कोयला खदान में हुए भीषण डायनामाइट विस्फोट में कम से कम 10 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में कई अन्य मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। एक मजदूर गंभीर रूप से घायल है, जिसे इलाज के लिए शिलांग रेफर किया गया है।

यह हादसा जिले के सुदूरवर्ती मयन्संगट थांगस्को इलाके में हुआ, जहां एक पहाड़ी पर अवैध रूप से कोयला खनन किया जा रहा था। शुरुआती जानकारी के अनुसार, विस्फोट के बाद पहाड़ी का एक हिस्सा ढह गया, जिससे वहां काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए।
राहत-बचाव कार्य जारी
घटना की सूचना मिलते ही बम निरोधक दस्ता, फोरेंसिक टीम, राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और अग्निशमन सेवा की टीमें मौके पर पहुंच गईं। ईस्ट जयंतिया हिल्स के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि यह मामला डायनामाइट विस्फोट से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि अब तक चार शव बरामद किए जा चुके हैं और राहत-बचाव अभियान लगातार जारी है। मलबे में और मजदूरों के फंसे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
गौरतलब है कि इससे पहले 23 दिसंबर 2025 को भी थांगस्को गांव में एक अवैध खदान में विस्फोट हुआ था, जिसमें दो मजदूरों की मौत हो गई थी। लगातार हो रहे हादसों के बावजूद इलाके में गैर-कानूनी खनन जारी रहने पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
‘रैट-होल’ माइनिंग पर पहले से प्रतिबंध
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने अप्रैल 2014 में मेघालय में खतरनाक और अवैज्ञानिक ‘रैट-होल’ कोयला खनन पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बावजूद राज्य के कई हिस्सों से अवैध खनन की शिकायतें सामने आती रही हैं।
मेघालय हाई कोर्ट की निगरानी (Meghalaya Coal Mine Blast) समिति के पूर्व अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) ब्रोजेंद्र प्रसाद काटाके पहले भी कह चुके हैं कि सरकारी दावों के बावजूद अवैध कोयला खनन पूरी तरह नहीं रुका है। वहीं मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा का कहना है कि जिला प्रशासन सतर्क है और अवैध खनन से जुड़े एक हजार से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं।

