Action on IVF Case : रायपुर में बड़ा मामला…पहलाजनी हॉस्पिटल और माता लक्ष्मी नर्सिंग होम पर FIR दर्ज…बच्चा बदलने के आरोप में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कार्रवाई

Action on IVF Case : रायपुर में बड़ा मामला…पहलाजनी हॉस्पिटल और माता लक्ष्मी नर्सिंग होम पर FIR दर्ज…बच्चा बदलने के आरोप में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कार्रवाई

रायपुर, 08 फरवरी। Action on IVF Case : राजधानी रायपुर के पहलाजनी हॉस्पिटल और माता लक्ष्मी नर्सिंग होम प्रबंधन के खिलाफ बच्चा बदलने के गंभीर आरोपों के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर की गई है। मामला वर्ष 2023 का है, जिसमें आईवीएफ प्रक्रिया के दौरान जुड़वा बच्चों की अदला-बदली का आरोप लगाया गया था।

IVF सेंटर पर गंभीर आरोप

मामले के अनुसार, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले के बचेली निवासी अशोक कुमार सिंह और उनकी पत्नी उषा सिंह संतान प्राप्ति के लिए वर्ष 2022 में रायपुर के अनुपम नगर स्थित माता लक्ष्मी नर्सिंग होम पहुंचे थे। यहां संचालित पहलाजनी टेस्ट ट्यूब बेबी एंड सरोगेसी सेंटर में डॉक्टरों द्वारा आईवीएफ प्रक्रिया के जरिए संतान होने का आश्वासन दिया गया।

अक्टूबर 2022 में पहली बार आईवीएफ प्रक्रिया कराई गई, जिसमें उषा सिंह गर्भवती हुईं, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से दिसंबर 2022 में गर्भपात कराना पड़ा। इसके बाद अप्रैल 2023 में दोबारा आईवीएफ प्रक्रिया कराई गई, जिसमें जांच के दौरान गर्भ में जुड़वा बच्चों की पुष्टि हुई।

जुड़वा बच्चों की अदला-बदली का आरोप

पीड़ित परिजनों का आरोप है कि 25 दिसंबर 2023 को बिना पूर्व जानकारी के उषा सिंह को ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया। डिलीवरी के बाद उषा सिंह ने बताया कि उन्होंने एक लड़का और एक लड़की को जन्म दिया, लेकिन कुछ समय बाद जो नवजात सौंपे गए, वे अलग प्रतीत हुए। परिजनों ने बच्चों की अदला-बदली का आरोप लगाया।

वहीं, इलाज कर रहे डॉक्टर नीरज पहलाजनी और डॉ. समीर पहलाजनी तथा अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को गलतफहमी बताया। संदेह गहराने पर अशोक कुमार सिंह ने निजी एजेंसी से डीएनए जांच कराई और न्याय के लिए पहले हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।

मामले की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत तथ्यों को गंभीर मानते हुए सुप्रीम कोर्ट ने रायपुर एसपी को निर्देश दिया कि शिकायत को एफआईआर के रूप में दर्ज कर माता लक्ष्मी नर्सिंग होम, पहलाजनी टेस्ट ट्यूब बेबी एंड सरोगेसी सेंटर, उसके संचालकों, संबंधित डॉक्टरों और मेट्रोपोलिस पैथोलॉजी लैब की भूमिका की विस्तृत जांच की जाए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

About The Author

ब्रेकिंग न्यूज़