रायपुर, 16 फरवरी। Brahmavid School : नवा रायपुर स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज के शान्ति शिखर पर ब्रह्मविद स्कूल के बच्चों ने एक प्रेरणादायक दौरा किया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी रूचिका दीदी ने बच्चों को परीक्षा के भय से मुक्ति (Colony with Exam Fear) विषय पर व्याख्यान दिया।

रूचिका दीदी ने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास और सही रणनीति के साथ परीक्षा में सफलता पाने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी है। परीक्षा केवल ज्ञान का आंकलन है, यह जीवन का अन्तिम पैमाना नहीं है।” उन्होंने बच्चों से यह अपील की कि वे घबराएं नहीं और सकारात्मक सोच, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास से न केवल परीक्षा के भय पर विजय प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि उज्जवल भविष्य की ओर कदम बढ़ा सकते हैं।
ब्रह्माकुमारी ने बताया कि जैसे-जैसे बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाएं नजदीक आती हैं, विद्यार्थियों में तनाव और घबराहट बढ़ना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि परीक्षा का भय एक मानसिक स्थिति है, जो असफलता की आशंका, माता-पिता की अपेक्षाओं और भविष्य की चिंता के कारण उत्पन्न होती है। इसके लक्षणों में अनिद्रा, एकाग्रता की कमी, घबराहट और आत्मविश्वास का गिरना शामिल होते हैं।

तनाव और भय से निपटने के लिए दी गईं सलाहें
- पढ़ाई की योजना बनाना: छोटे-छोटे लक्ष्य निर्धारित करें और नियमित रिविजन करें।
- स्वस्थ दिनचर्या अपनाना: पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और हल्का व्यायाम करना जरूरी है।
- ध्यान और गहरी सांस लेना: 10–15 मिनट का ध्यान मन को शांत करता है।
- नकारात्मक सोच से दूर रहना: खुद की तुलना दूसरों से न करें और अपनी प्रगति पर ध्यान केंद्रित करें।
- माता-पिता से बात करें: बच्चों को अपनी चिंताएं साझा करने के लिए प्रेरित करें, जिससे उनका मन हल्का हो।
ब्रह्माकुमारी ने यह भी बताया कि अभिभावकों की भूमिका इस भय को कम करने में अहम है। उन्होंने सुझाव दिया कि बच्चों पर अत्यधिक दबाव डालने की बजाय उनके मनोबल को बढ़ाने के प्रयास किए जाने चाहिए। प्रशंसा, समझदारी और सहयोग से विद्यार्थी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। यह कार्यक्रम बच्चों को मानसिक शांति और परीक्षा के तनाव से निपटने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करने में सफल रहा।


