रायपुर, 19 फरवरी। PM Awaas : प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पात्रता सत्यापन सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना और ग्राम सभाओं के माध्यम से किया जाता है। सत्यापन के बाद लाभार्थियों की सूची आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाती है। लाभार्थी अपने पंजीकरण नंबर का उपयोग करके आधार-लिंक्ड बैंक खातों में धनराशि के ट्रांसफर की स्थिति को ऑनलाइन देख सकते हैं। चुनी गई सूची का ग्राम सभा द्वारा सत्यापन किया जाता है, जिसमें अयोग्य व्यक्तियों को हटाकर पात्रों को जोड़ा जाता है। ग्राम पंचायत के पास जाकर भी सूची में नाम और सत्यापन की स्थिति की जांच की जा सकती है। सत्यापन के बाद योग्य लाभार्थियों को पक्का घर बनाने के लिए किश्तों में राशि सीधे बैंक खाते में दी जाती है। इसमें शौचालय, बिजली और पानी जैसी अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी शामिल है।
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (ग्रामीण) के संबंध में जिला प्रशासन गरियाबंद द्वारा विकासखंड मैनपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत भाठीगढ़ एवं तौरेगा में जिला स्तरीय दल द्वारा विस्तृत स्थल निरीक्षण कर सत्यापन किया गया। निरीक्षण दल के जिला एवं जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, आवास मित्र, संबंधित हितग्राहियों एवं ग्रामीणजनों की उपस्थिति में पारदर्शी तरीके से सत्यापन कराया गया।
ग्राम पंचायत भाठीगढ़ की हितग्राही घुरई बाई विश्वकर्मा को वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास स्वीकृत हुआ है। नियमानुसार उन्हें स्वीकृति के बाद प्रथम किस्त 40 हजार रुपए तथा प्लींथ स्तर तक निर्माण पूर्ण होने पर द्वितीय किस्त 55 हजार रुपए उनके बैंक खाते में जारी की गई है। वर्तमान में आवास खिड़की स्तर तक निर्मित पाया गया तथा स्थल पर पर्याप्त मात्रा में निर्माण सामग्री उपलब्ध है। इसी पंचायत की हितग्राही श्रीमती सेवती बाई नेगी को भी वर्ष 2024-25 में आवास स्वीकृत हुआ है। उन्हें नियमानुसार प्रथम किस्त 40 हज़ार रुपए, प्लींथ स्तर पूर्ण होने पर द्वितीय किस्त 55 हजार रुपए तथा आवास पूर्ण होने पर अंतिम किस्त 25 हजार रुपए की राशि उनके बैंक खाते में प्रदान की गई है।
इसी तरह ग्राम पंचायत तौरेंगा की हितग्राही जिबली बाई को वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत हुआ है। उनके खाते में प्रथम किस्त 40 हजार रुपए जारी किया गया था, जिसमें से 3 हजार रुपए आहरित कर नींव खुदाई का कार्य कराया गया है तथा शेष 37 हजार रुपए की राशि उनके खाते में उपलब्ध है। वहीं पार्वती बाई के प्रकरण में पंजीयन के दौरान उनकी पुत्री ललिता बाई का बैंक खाता प्रस्तुत किए जाने के कारण प्रथम किस्त 40 हजार रुपए पुत्री के खाते में जारी किए गए थे, जो वर्तमान में सुरक्षित है। वर्तमान स्थिति में पार्वती बाई एवं जयराम दोनों का निधन हो चुका है तथा आवास निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है।
जिला प्रशासन गरियाबंद ने स्पष्ट किया है कि योजना के निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप ही सभी किस्तों का भुगतान सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में किया गया है। स्थल निरीक्षण और सत्यापन के दौरान अनियमितता की किसी भी तरह की जानकारी नहीं मिली। अधिकारियों ने कहा है कि वह योजना के क्रियान्वयन में पूर्ण पारदर्शिता एवं जवाबदेही के प्रति प्रतिबद्ध है तथा किसी भी प्रकार की शिकायत की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाती है।

