रायपुर, 20 फरवरी। Jindal Steel लिमिटेड ने अपने कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट (CSA) स्कोर में 42 अंकों की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की है। कंपनी का CSA स्कोर 100 में से 30 से बढ़कर अब 72 हो गया है, जिससे उसकी सस्टेनेबिलिटी परफॉर्मेंस में जबरदस्त सुधार हुआ है। इस उपलब्धि के आधार पर, जिन्दल स्टील को स्टील इंडस्ट्री के लिए ‘2026 सस्टेनेबिलिटी ईयरबुक’ में सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
दुनिया भर में 9200 से अधिक कंपनियों के प्रदर्शन का आकलन किया गया था, जिनमें से 848 कंपनियां (59 उद्योगों से) इस प्रतिष्ठित सूची में जगह बनाने में सफल रही हैं। स्टील सेक्टर में 129 कंपनियों का आकलन किया गया था, जिनमें से केवल 11 कंपनियों को चुना गया, जिनमें जिन्दल स्टील भी शामिल है। यह चयन कंपनी के बेहतर गवर्नेंस, पारदर्शी सूचना प्रणाली, सामाजिक प्रदर्शन और जलवायु परिवर्तन के मुद्दों पर किये गए ठोस प्रयासों को दर्शाता है।
आकर्षक प्रदर्शन
जिन्दल स्टील ने सार्वजनिक रूप से जानकारी साझा करने की दर को बढ़ाकर 96% कर लिया है और ‘ट्रांसपेरेंसी और रिपोर्टिंग’ के मामले में 100 में से 100 अंक हासिल किए हैं, जबकि इस उद्योग का औसत स्कोर केवल 46 है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने जैव विविधता और जलवायु जोखिमों को अपने बिजनेस मॉडल का हिस्सा बनाया और ‘पर्यावरण नीति’ में 99/100 और ‘क्लाइमेट गवर्नेंस’ में 100/100 अंक प्राप्त किए।
नेट-जीरो लक्ष्य
कंपनी ने 2047 तक ‘नेट-जीरो’ (शून्य कार्बन उत्सर्जन) और 2030 तक कार्बन उत्सर्जन में 30% की कमी लाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह प्रतिबद्धता जिन्दल स्टील के सतत विकास के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
नवीन अहलावत (प्रेसिडेंट और हेड – सस्टेनेबिलिटी एवं डिकार्बोनाइजेशन, जिन्दल स्टील लिमिटेड) ने कहा, “यह मान्यता हमारी टीम की कड़ी मेहनत का नतीजा है। हमने अपनी रिपोर्टिंग की गुणवत्ता सुधारने और सस्टेनेबिलिटी को बिजनेस का मुख्य हिस्सा बनाने पर ध्यान दिया है। हम पारदर्शी तरीके से कम कार्बन उत्सर्जन वाला और सुरक्षित स्टील बिजनेस बनाना जारी रखेंगे।”
कंपनी की बारे में
जिन्दल स्टील लिमिटेड भारत की प्रमुख स्टील उत्पादक कंपनियों में से एक है, जो अपनी कुशलता और उत्कृष्टता के लिए जानी जाती है। 12 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक के निवेश के साथ, कंपनी के पास अंगुल, रायगढ़ और पतरातू में आधुनिक कारखाने हैं। जिन्दल स्टील का नेटवर्क भारत के साथ-साथ अफ्रीका तक फैला हुआ है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों को मजबूती प्रदान कर रहा है।

