इंदौर, 25 फरवरी। Indore Murder Case : मध्य प्रदेश के Indore में 25 वर्षीय एमबीए छात्रा की हत्या के मामले में नया खुलासा हुआ है। आरोपी Piyush Dhamnotiya ने वारदात के बाद एक कथित आखिरी चिट्ठी लिखी, जिसमें उसने खुद को मृत छात्रा का हमसफर बताया और रिश्ते का भावनात्मक जिक्र किया।
खत में क्या लिखा?
पुलिस के अनुसार, पत्र में आरोपी ने लिखा कि दोनों कॉलेज के समय से रिलेशनशिप में थे और एक-दूसरे के साथ खुश थे। उसने दावा किया कि परिवार को रिश्ते की जानकारी थी, लेकिन परिजनों ने इसे स्वीकार नहीं किया। खत के अंतिम पन्ने पर आरोपी ने एक दिल बनाकर उसमें अपना और छात्रा का नाम भी लिखा। हालांकि, पत्र में हत्या की स्पष्ट वजह का उल्लेख नहीं है।
हत्या के बाद फरार
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने छात्रा का गला घोंटकर हत्या की और इसके बाद शहर छोड़कर मुंबई भाग गया। लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर उसे मुंबई से गिरफ्तार कर इंदौर लाया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने घटना से पहले और बाद में इंटरनेट पर तंत्र-मंत्र और आत्मा से जुड़े विषय सर्च किए थे। पुलिस अब डिजिटल डेटा, हैंडराइटिंग और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
रिश्ते में बढ़ा था तनाव
बताया जा रहा है कि दोनों की मुलाकात पढ़ाई के दौरान हुई थी और लंबे समय तक संबंध में रहे। हाल के दिनों में रिश्ते में खटास और विवाद बढ़ गए थे। एक मुलाकात के दौरान कहासुनी के बीच आरोपी ने कथित तौर पर वारदात को अंजाम दिया।पुलिस हत्या की असली वजह और आरोपी की मानसिक स्थिति को समझने की कोशिश कर रही है। अदालत में पेशी के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।
हत्या के बाद सनसनीखेज हरकतें
जांच में पता चला है कि घटना के बाद आरोपी ने युवती का मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया। आरोप है कि उसने उसी फोन से कॉलेज के ऑफिशियल WhatsApp ग्रुप पर एक आपत्तिजनक और प्राइवेट वीडियो पोस्ट किया। वीडियो में आरोपी ने इमोजी से अपना चेहरा छिपा लिया था, जबकि युवती का चेहरा साफ दिख रहा था।
इस काम को न सिर्फ़ एक जुर्म के तौर पर देखा जा रहा है, बल्कि महिला की मौत के बाद भी उसे बदनाम करने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है। सवाल यह उठता है कि क्या हत्या के बाद भी उसका गुस्सा शांत नहीं हुआ? क्या वह लड़की की इमेज खराब करके खुद को सही साबित करने की कोशिश कर रहा था?
रिपोर्टर को धमकी
पुलिस ने आरोपी पीयूष को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद भी उसे कोई पछतावा नहीं हुआ; बल्कि उसने कैमरे पर मीडिया वालों को धमकाने की कोशिश की। फिलहाल, कोर्ट से रिमांड मिलने के बाद आरोपी पीयूष को सेंट्रल जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब और सबूत इकट्ठा कर रही है और हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। हालांकि, यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि अपराधी अक्सर हमारे बीच नॉर्मल चेहरे के साथ छिप सकते हैं।

