Killer Son : पिता की हत्या कर ड्रम में भरने वाले मामले में चौंकाने वाले खुलासे…! रामलीला में ‘रावण’ बनता बेटा इस बात से था नाराज…जांच के घेरे में बहन की भूमिका…रोंगटे खड़े करने वाले आरोपी की स्वीकारोक्ति…यहां देखें VIDEO

Killer Son : पिता की हत्या कर ड्रम में भरने वाले मामले में चौंकाने वाले खुलासे…! रामलीला में ‘रावण’ बनता बेटा इस बात से था नाराज…जांच के घेरे में बहन की भूमिका…रोंगटे खड़े करने वाले आरोपी की स्वीकारोक्ति…यहां देखें VIDEO

लखनऊ, 25 फरवरी। Killer Son : लखनऊ में पिता की हत्या के मामले में जांच के दौरान चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी बेटे अक्षत प्रताप सिंह ने अपने पिता मानवेंद्र सिंह की कथित तौर पर इसलिए हत्या कर दी क्योंकि वह उनकी दूसरी शादी की बातचीत से नाराज़ था।

हत्या के बाद हैरान करने वाली हरकत

जांच में सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने के बाद अक्षत ने शव के पास बैठकर नॉनवेज खाना खाया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह व्यवहार आरोपी की मानसिक स्थिति और अपराध के प्रति उसके रवैये को लेकर कई सवाल खड़े करता है।

शव ठिकाने लगाने की तैयारी

पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी ने पहले से आरी और एक नीला ड्रम खरीदा था, जिससे शव को ठिकाने लगाने की साजिश रची गई। शव को कमरे में छुपाकर रखा गया था और इस दौरान आरोपी अपनी चाची से सामान्य तरीके से मिलता-जुलता रहा, ताकि उन्हें किसी तरह का शक न हो और वे उस कमरे में न जाएं।

बहन की भूमिका की जांच

इस हत्याकांड की परतें खुलती जा रही हैं और रोज नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस की पूछताछ में 21 साल के आरोपी बेटे अक्षत प्रताप सिंह उर्फ राजा ने बताया है कि पिता मानवेंद्र सिंह की हत्या के बाद वह अपनी चाची के पास गया था। उसने चाची से चिकन और पनीर की सब्जी बनवाई और वापस आया और लाश के पास बैठकर बहन कृति के साथ खाना खाया।

मामले में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है कि मृतक की बेटी कृति पिता की हत्या के बाद भी अपना परीक्षा देने जाती रही। पुलिस अब कृति की भूमिका की भी जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या वह इस साजिश में शामिल थी या फिर डर और दबाव की वजह से चुप रही।

पिता को गोली मारी, तड़पते हुए देखता रहा

बता दें कि बीते 20 फरवरी की सुबह 4.30 बजे पिता के ही लाइसेंसी राइफल से बेटे अक्षत ने सोते हुए पिता मानवेंद्र सिंह के सिर में गोली मार दी थी। गोली मारने के बाद वो तब तक वहीं खड़ा रहा, जब तक बाप की सांसें नहीं रुक गईं। पिता को वह अपनी आंखों से तड़पता देखता रहा। इस घटना के वक्त बहन कमरे में मौजूद थी। इसके बाद अक्षत ने पिता के शव को ठिकाना लगाने की योजना बनाई। शव को थर्ड फ्लोर से लाकर ग्राउंड फ्लोर के कमरे के बाथरूम में रखा, शव को आरी से काटा और फिर ब्लू ड्रम में भर दिया। 

दूसरी शादी बना विवाद की वजह

सूत्रों का कहना है कि मानवेंद्र सिंह की दूसरी शादी की चर्चा घर में चल रही थी, जिससे बेटा अक्षत नाराज़ था। इसी विवाद ने हत्या जैसी वारदात का रूप ले लिया। पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस हत्याकांड ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और परिवार के भीतर बढ़ते तनाव की भयावह परिणति को उजागर किया है।

पिता के व्यापार से थी ‘नफरत’

पुलिस जांच में पता चला है कि अक्षत को अपने पिता के शराब और दवा के बिज़नेस से बहुत ऐतराज़ था। वह चाहता था कि वह बिज़नेस छोड़कर दूसरा बिज़नेस शुरू करे। करीब चार साल पहले अक्षत छह पेज का लेटर लिखकर घर से भाग गया था। उस लेटर में उसने अपने पिता का बिज़नेस बदलने पर ज़ोर दिया था और साफ़-साफ़ कहा था कि वह मेडिकल की पढ़ाई नहीं करना चाहता।

अक्षत ने अपना जुर्म कबुला

बेटे ने अपने पिता का सिर काटकर घर से 21 किलोमीटर दूर फेंक दिया, जबकि हाथ-पैर चार किलोमीटर दूर फेंक दिए। पुलिस पूछताछ में आरोपी बेटे अक्षत ने जुर्म कबूल कर लिया। उसने यह भी बताया कि उसने अपने पिता को क्यों मारा, उनके शरीर के टुकड़े कैसे किए और शरीर के टुकड़ों को कब ठिकाने लगाया। हत्यारे बेटे ने यह भी कहा कि अगर उसे मौका मिलता, तो वह अपने पिता के बचे हुए धड़ का अकेले ही अंतिम संस्कार कर देता।

आरोपी रामलीला में रावण का रोल निभाता

पड़ोसियों और पुलिस के मुताबिक, आरोपी बेटा अक्षत प्रताप सिंह असल ज़िंदगी में फ़िल्मों के विलेन जैसा बर्ताव करता था। 21 साल का यह लड़का क्राइम थ्रिलर वेब सीरीज़ का शौकीन था। इसके अलावा, वह लोकल रामलीला में रावण का रोल भी करता था। पड़ोसियों ने बताया कि उसे हीरो वाले रोल के मुकाबले विलेन वाले रोल ज़्यादा पसंद थे।

शव को ठिकाने लगाने के बाद पुलिस के पास गया आरोपी

आरोपी अक्षत की बात करें तो वह 21 साल का है और B.Com का स्टूडेंट है। उसके पिता चाहते थे कि वह NEET पास करके डॉक्टर बने और पैथोलॉजी का बिज़नेस संभाले। लेकिन, अपने पिता की हत्या करने के बाद, बेटा अपना बचाव करने के लिए पुलिस के पास गया, उसने दावा किया कि उसके पिता 20 फरवरी को दिल्ली के लिए घर से निकले थे और 21 फरवरी को लौटने का वादा किया था, लेकिन वह नहीं लौटे। तीन दिन बाद, आरोपी अक्षत पुलिस के पास गया। तब तक अक्षत ने सिर और हाथ-पैर ठिकाने लगा दिए थे। लेकिन, बॉडी घर में एक नीले ड्रम में रखी थी। यहीं से बदबू आने लगी थी, और अक्षत उसे छिपाने के लिए रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल कर रहा था। जैसे ही पुलिस को बदबू का पता चला, जुर्म की गुत्थी सुलझ गई।

ब्लिंकिट से मंगाई दो चाकू, आरी-ड्रम खरीदकर लाया था

पुलिस की पूछताछ में अक्षत ने बताया कि उसने पिता की हत्या के लिए एक दिन पहले ब्लिंकिट से दो चाकू मंगवाए थे। वह डिलीवरी ब्वाय लेकर आया था। आरी और ड्रम वह खुद बाजार से खरीदकर लाया था। आरी और ड्रम खरीदने से संबंध में पुलिस ने साक्ष्य भी जुटा लिए है।

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