राजस्थान, 05 मार्च। Iran-Israel Conflict : पश्चिम एशिया में जारी ईरान–इजरायल संघर्ष के बीच एक दुखद खबर सामने आई है। राजस्थान के नागौर जिले के 24 वर्षीय युवक दलीप सिंह की समुद्री हमले में मौत हो गई। शिपिंग कंपनी ने बुधवार को इसकी पुष्टि की, जिसके बाद उनके गांव खींवताना में शोक की लहर फैल गई।
जानकारी के मुताबिक 1 मार्च को ओमान के खासाब बंदरगाह के पास फारस की खाड़ी मार्ग पर चल रहे ऑयल टैंकर एमवी स्काईलाइट पर हमला हुआ। इस हमले में दलीप सिंह की जान चली गई। यह जहाज उस समय होर्मुज जलडमरूमध्य के पास लंगर डाले खड़ा था।
इसी साल मर्चेंट नेवी में हुए थे शामिल
परिवार के अनुसार दलीप सिंह इसी साल 22 जनवरी को मर्चेंट नेवी में शामिल हुए थे। वे पलाऊ झंडे वाले तेल और रसायन ले जाने वाले जहाज पर क्रू मेंबर के रूप में काम कर रहे थे। परिवार ने बताया कि 28 फरवरी को उनसे आखिरी बार बात हुई थी और तब सब कुछ सामान्य था, लेकिन 1 मार्च की सुबह हुए हमले ने सब कुछ बदल दिया।
परिवार की मदद के लिए की थी नौकरी
परिजनों ने बताया कि दलीप ने यह नौकरी परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए चुनी थी। घटना से ठीक पहले उन्होंने शिफ्ट बदलकर दूसरे क्रू मेंबर की जगह ड्यूटी संभाली थी। दुर्भाग्य से हमला उसी समय हुआ जब वह जहाज के आगे वाले हिस्से में मौजूद थे।
इकलौते कमाने वाले थे दलीप
दलीप सिंह अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे और उन्होंने हाल ही में समुद्री करियर शुरू किया था। इस दुखद घटना के बाद गांव के लोगों और परिजनों ने केंद्र सरकार से परिवार को आर्थिक सहायता देने और संघर्ष वाले समुद्री क्षेत्रों में काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
मिसाइल या ड्रोन से हमले की आशंका
ओमान के समुद्री सुरक्षा केंद्र के मुताबिक जहाज पर या तो ईरान की ओर से दागी गई मिसाइल से आग लगी या फिर विस्फोटक से भरी ड्रोन नाव टकराई। जांच एजेंसियां फिलहाल इस हमले के कारणों की जांच कर रही हैं। बताया गया कि प्रोजेक्टाइल जहाज के आगे वाले हिस्से से टकराया, जिससे जोरदार धमाका हुआ और जहाज में आग लग गई।
पहले लापता बताया गया, बाद में मौत की पुष्टि
हमले के बाद शुरू में दलीप सिंह को लापता बताया गया था। उसी जहाज के कैप्टन आशीष, जो बिहार के रहने वाले थे, उनका शव घटना के बाद बरामद कर लिया गया था। बाद में दलीप सिंह की भी मौत की पुष्टि हो गई।
जहाज पर 15 भारतीय थे सवार
शिपिंग कंपनी के अनुसार हमले के समय जहाज पर 15 भारतीय और 5 ईरानी क्रू मेंबर मौजूद थे। बचाव अभियान के दौरान अधिकांश लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन तीन लोग शुरू में लापता बताए गए थे, जिनमें से अब दो की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
दुनिया के अहम तेल मार्ग पर हुआ हमला
यह हमला होर्मुज जलडमरूमध्य के पास हुआ, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है। वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत इसी मार्ग से गुजरता है। क्षेत्र में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण यहां सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।

