Naxal Surrender : BJP राज में नक्सली सरेंडर…कांग्रेस काल में क्यों रही खामोशी…? Surrender को लेकर उठे सवाल…महंत ने दिया चौंकाने वाला जवाब…यहां सुनिए VIDEO

Naxal Surrender : BJP राज में नक्सली सरेंडर…कांग्रेस काल में क्यों रही खामोशी…? Surrender को लेकर उठे सवाल…महंत ने दिया चौंकाने वाला जवाब…यहां सुनिए VIDEO

रायपुर, 31 मार्च। Naxal Surrender : छत्तीसगढ़ में BJP के कार्यकाल के दौरान नक्सलियों के लगातार आत्मसमर्पण के जो दृश्य देखने को मिल रहे हैं, वह कांग्रेस के शासनकाल में पूरी तरह से नदारद थे…एक पत्रकार के इस सवाल के जवाब में, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है।

डॉ. महंत के अनुसार, नक्सलियों के आत्मसमर्पण के पीछे कई कारण हैं, जैसे दबाव, रणनीति और परिस्थितियां, और इसे पूरी तरह से किसी एक सरकार की उपलब्धियों का श्रेय देना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लोगों का विश्वास जीतने और विकास पहुंचाने पर ज्यादा ध्यान दिया गया। उन्होंने कहा, हमने लोगों के दिल जीते, तभी नक्सलवाद कमजोर हुआ।

अपने कार्यकाल का किया जिक्र

उन्होंने कहा कि गृह मंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान कोई भी बड़ी नक्सली घटना नहीं हुई। उन्होंने स्पष्ट कहा, इस सरेंडर के पीछे अंदरूनी भय और डर भी है, साथ ही लालच भी एक बड़ा कारण है। महंत के मुताबिक, नक्सलियों पर बढ़ते दबाव और प्रलोभन की नीति भी सरेंडर की बड़ी वजह बन रही है।

नक्सलवाद अभी खत्म नहीं

महंत ने दोहराया कि नक्सलवाद अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और इसकी विचारधारा को खत्म करने में समय लगेगा। महंत ने कहा कि बस्तर सहित नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा के साथ-साथ विकास और भरोसा कायम करना बेहद जरूरी है।

कुल मिलाकर, नक्सलियों के सरेंडर को लेकर अब सियासी बहस और तेज हो गई है, जहां सत्ता पक्ष इसे अपनी उपलब्धि बता रहा है, वहीं विपक्ष इसके पीछे अन्य कारणों (Naxal Surrender) को भी जिम्मेदार बता रहा है।

About The Author

छत्तीसगढ राजनीति