कोलकाता, 28 मई। TMC Leader Arrested : पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी कार्रवाई के बीच एक बार फिर भारी मात्रा में नकदी मिलने से सियासी भूचाल आ गया है। पूर्व मेदिनीपुर जिले के पांशकुड़ा में पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक प्रभावशाली नेता और नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद हुई तलाशी में पुलिस को नोटों से भरी कई बोरियां मिलीं, जिन्हें देखकर अधिकारी भी हैरान रह गये।
घर के गुप्त ठिकानों से निकली नोटों की बोरियां
बुधवार को बंगाल पुलिस की विशेष टीम ने भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति के आरोपों के आधार पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान घर के कोनों, स्टोर रूम और कथित गुप्त ठिकानों से नकदी से भरी बोरियां बरामद हुईं। सूत्रों के मुताबिक बरामद रकम करोड़ों में हो सकती है।
नोट गिनने के लिए बुलानी पड़ी मशीन
कैश की मात्रा इतनी ज्यादा थी कि पुलिस को नोट गिनने वाली मशीनें मंगवानी पड़ीं। हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर रकम का खुलासा नहीं किया गया है। पुलिस ने नकदी के साथ-साथ जमीन सौदों, नगरपालिका टेंडरों और कथित सिंडिकेट वसूली से जुड़े कई दस्तावेज भी जब्त किये हैं।
अर्पिता मुखर्जी कैशकांड की यादें हुईं ताजा
इस बरामदगी के बाद बंगाल का चर्चित अर्पिता मुखर्जी कैशकांड एक बार फिर चर्चा में आ गया है। विपक्ष का आरोप है कि राज्य में भ्रष्टाचार की जड़ें नगर पालिकाओं तक फैल चुकी हैं और यह कार्रवाई उसी का सबूत है।
बीजेपी का हमला, TMC ने बनाई दूरी
घटना सामने आने के बाद बीजेपी ने टीएमसी पर तीखा हमला बोला। बीजेपी नेताओं ने कहा कि “यह पैसा बंगाल की जनता की मेहनत की कमाई है, जिसे भ्रष्टाचार के जरिए लूटा गया।”
वहीं, टीएमसी ने मामले से दूरी बनाते हुए कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को पार्टी संरक्षण नहीं देगी।
‘जीरो टॉलरेंस’ अभियान के बीच बड़ी कार्रवाई
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई राज्य में नगर पालिकाओं में हुए कथित घोटालों की जांच के तहत की गयी है। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि यह रकम अवैध निर्माण अनुमति, सिंडिकेट वसूली और टेंडर घोटालों से जुड़ी हो सकती है।
अब ED की एंट्री के आसार
भारी नकदी बरामद होने के बाद अब इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एंट्री की भी चर्चा तेज हो गयी है। सूत्रों का कहना है कि मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच शुरू हो सकती है।

