Health Minister Statement: लड़कियां 3 महीने स्कर्ट न पहनें और लड़के पूरी पैंट-शर्ट! स्वास्थ्य मंत्री की सलाह पर छिड़ी बहस

Health Minister Statement: लड़कियां 3 महीने स्कर्ट न पहनें और लड़के पूरी पैंट-शर्ट! स्वास्थ्य मंत्री की सलाह पर छिड़ी बहस

कोलकाता, 04 सितंबर। Health Minister Statement: पश्चिम बंगाल में डेंगू के बढ़ते खतरे के बीच स्वास्थ्य मंत्री शरदवत मुखर्जी की स्कूली बच्चों के पहनावे को लेकर दी गई सलाह चर्चा का विषय बन गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने स्कूली छात्राओं से अगले तीन महीने स्कर्ट की जगह सलवार पहनने की अपील की है, ताकि शरीर को ढककर मच्छरों के काटने के खतरे को कम किया जा सके।

उन्होंने लड़कों को भी पूरी पैंट और पूरी बांह की शर्ट पहनकर स्कूल जाने की सलाह दी है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सितंबर, अक्टूबर और नवंबर के महीने डेंगू के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि लड़कियों को ऐसे कपड़े पहनाकर स्कूल भेजें, जिनसे उनके पैर पूरी तरह ढके रहें।

मच्छरों से बचाव के लिए कपड़े ढकना जरूरी, लेकिन क्या यही काफी है?

स्वास्थ्य मंत्री की सलाह के बाद सोशल मीडिया और आम लोगों के बीच बहस शुरू हो गई है। कुछ लोग इसे डेंगू से बचाव के लिए व्यावहारिक कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे पहनावे को लेकर अनावश्यक सलाह मान रहे हैं। एसोसिएशन ऑफ हेल्थ सर्विस डॉक्टर्स के सेक्रेटरी डॉ. उत्पल बनर्जी ने कहा कि शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने से मच्छरों के काटने का खतरा कम हो सकता है, लेकिन सिर्फ कपड़े बदलने से डेंगू की समस्या खत्म नहीं होगी। उन्होंने मच्छरों के प्रजनन स्रोत खत्म करने, लोगों में जागरूकता बढ़ाने और बेहतर मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत पर जोर दिया।

वहीं मेडिसिन एक्सपर्ट डॉ. रुद्रजीत पाल ने स्वास्थ्य मंत्री की सलाह को मेडिकल दृष्टि से सही बताया। उनका कहना है कि पूरी बाजू के कपड़े और पूरी पैंट पहनने से मच्छरों के काटने का खतरा कम हो सकता है। इसके साथ ही घरों के आसपास पानी जमा न होने देना और मच्छरदानी समेत अन्य बचाव के उपाय अपनाना भी जरूरी है।

पश्चिम बंगाल में 4 हजार से ज्यादा डेंगू केस

पश्चिम बंगाल में मानसून के दौरान डेंगू का खतरा बढ़ जाता है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 2026 में अब तक राज्य में 4,000 से अधिक डेंगू मामले सामने आ चुके हैं। यह पिछले साल की समान अवधि की तुलना में करीब 50 प्रतिशत कम बताए जा रहे हैं। राज्य में करीब 148 सक्रिय मामले होने और डेंगू से जुड़ी 7 मौतें आधिकारिक रूप से दर्ज होने की बात कही गई है। डेंगू से प्रभावित प्रमुख जिलों में कोलकाता, हावड़ा, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना और मुर्शिदाबाद शामिल हैं। नादिया के चकदह समेत कुछ अन्य इलाकों में भी मामले सामने आए हैं।

डेंगू से बचाव ऐसे करें

घर और आसपास पानी जमा न होने दें: कूलरों, गमलों, बाल्टियों, पुराने टायरों और छतों पर रखे बर्तनों में पानी इकट्ठा न होने दें। हफ़्ते में कम से कम एक बार कूलरों और टंकियों की सफाई करें।

पानी के बर्तनों को ढककर रखें: पीने और इस्तेमाल के पानी की टंकियों या बाल्टियों को हमेशा ढक्कन से बंद रखें।

पूरे कपड़े पहनें: ऐसे कपड़े पहनें जो शरीर को पूरी तरह ढकें, जैसे पूरी आस्तीन (फुल स्लीव्स) की शर्ट और फुल पैंट।

मच्छर भगाने वाले उपायों का इस्तेमाल करें: त्वचा पर मॉस्किटो रिपेलेंट क्रीम (जैसे ओडोमोस) लगाएं। रात को सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें और दिन में रिपेलेंट रीफिल या कॉइल का उपयोग करें (एडिस मच्छर अक्सर दिन के समय काटते हैं)।

खिड़कियाँ और दरवाजे बंद रखें: सुबह और शाम के समय घर के दरवाजे और खिड़कियाँ बंद रखें ताकि मच्छर अंदर न आ सकें। खिड़कियों पर जाली लगाना भी एक अच्छा उपाय है।

कीटनाशक या लार्विसाइड का छिड़काव: अगर आसपास जमा पानी को हटाया नहीं जा सकता (जैसे बड़े गड्ढे), तो उसमें टेमीफॉस (Temephos) या थोड़ा सा केरोसिन का तेल डाल दें ताकि मच्छरों के लार्वा खत्म हो जाएं।

About The Author

शिक्षा