आज विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस विशेष…पांच माह में 97 लोगों को मिला परामर्श, अब जी रहे खुशहाल जीवन

बलौदाबाजार, 10 अक्टूबर। कोरोनाकाल के दौरान हर व्यक्ति मानसिक तनाव, अवसाद और चिंता से गुजर रहा है। मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को समझना और उनका निराकरण करना वर्तमान समय में बहुत जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए बलौदाबाजार के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं लोगों को पहुंचाई जा रही हैं, जिसका परिणाम यह हुआ है कि बीते पांच माह में जिले के 97 लोगों की काउंसिलिंग कर मानसिक विकारों को दूर करने का प्रयास किया गया।
राज्य सरकार भी अब प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात डॉक्टरों को मानसिक बीमारियों और मानसिक रोगियों की पहचान करने तथा ऐसे रोगियों का इलाज सुविधा मुहैय्या कराए जाने का प्रयास कर रही है। सरकारी प्रयास की बदौलत ही जिले के सभी ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य केन्द्रों में मानसिक रोगियों को परामर्श प्रदान किया जा रहा है। डॉ. राकेश कुमार प्रेमी मनो चिकित्सक (एनएमएचपी) (जिन्हें नेशनल इंस्टीच्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेज (निमहांस) द्वारा गेटकीपर ट्रेनिंग हासिल है) ने बताया जिले में मानसिक रोग को लेकर लोगों में जागरूकता आई है और मानसिक बीमार व्यक्तियों को इसका लाभ भी मिल रहा है। मानसिक रोगों की पहचान करने और ऐसे लोगों को चिकित्सकीय सुविधा और मदद करने के लिए गेट कीपर ट्रेनर विशेष रूप से मदद पहुंचा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए 10 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यू एचओ ) के विश्व मानसिक स्वास्थ्य संघ द्वारा हर साल नई थीम पर विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है।इसी कड़ी में इस वर्ष 2020 इस वर्ष की थीम है “मानसिक स्वास्थ्य सभी के लिए, अधिक निवेश, ज्यादा पहुँच” अर्थात मानसिक स्वास्थ्य सेवाएँ सभी के लिए हर जगह उपलब्ध होनी चाहियेंI इसलिए इस वर्ष राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत राज्य मानसिक स्वास्थ्य विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा मानसिक स्वास्थ्य सभी के लिए पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
काउंसिलिंग एक नजर में – बलौदाबाजार के सभी विकासखंड के आत्महत्या परामर्श आंकड़े (अप्रैल से अगस्त 2020 तक) पर नजर डालें तो प्रतिमाह बलौदाबाजार में 3 पुराने और 29 नए, बिलाईगढ़ में 6 पुराने और 27 नए, पलारी में 3 पुराने और 19 नए तथा भाटापारा में 10 नए मामलों की काउंसलिंग हुई। हालांकि जिले में मानसिक अवसाद, तनाव की वजह से आत्महत्या की कोशिश करने वालों की कुल संख्या 241 दर्ज हुई। इनमें बलौदाबाजार में 80, बिलाईगढ़ में 68, सिमगा में 2, पलारी में 64 तथा भाटापारा से 27 मामले थे, जिनको चिकित्सकों दवारा काउंसिलिंग प्रदान की गई।