अक्टूबर के अंत में कोवैक्सीन को डब्ल्यूएचओ से मिल सकती है आपात इस्तेमाल की मंजूरी

जिनेवा, 18 अक्टूबर। भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन कोवैक्सीन को इस महीने के अंत में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से आपात इस्तेमाल की मंजूरी मिल सकती है। डब्ल्यूएचओ की प्रमुख वैज्ञानिक डा. सौम्या स्वामीनाथन ने रविवार को बताया कि डब्ल्यूएचओ के तकनीकी सलाहकार समूह की बैठक 26 अक्टूबर को हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक के कोविड-19 वैक्सीन कोवैक्सिन के आपातकालीन उपयोग (EUL) पर विचार करने के लिए होगी।
स्वामीनाथन ने ट्विटर पर इसकी जानकारी देते हुए यह भी कहा कि इसके लिए भारत बायोटेक के साथ मिलकर डब्ल्यूएचओ काम कर रहा है। हमारा लक्ष्य आपातकालीन उपयोग के लिए स्वीकृत टीकों का एक व्यापक पोर्टफोलियो और हर जगह तक पहुंच का विस्तार करना है। इससे पहले महीने की शुरुआत में डब्ल्यूएचओ ने ट्वीट करके कहा था कि कोवैक्सीन लगातार आधार पर डब्ल्यूएचओ को डेटा उलब्ध करा रहा है और 27 सितंबर को इसकी अनुरोध पर अतिरिक्त जानकारी उसने दी।विशेषज्ञ वर्तमान में इस जानकारी की समीक्षा कर रहे हैं और यदि इससे सभी सवालों का जवाब मिलता है, तो डब्ल्यूएचओ के मूल्यांकन को अगले सप्ताह अंतिम रूप दिया जाएगा।
बता दें कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और नेशनल इंस्टीट्यूट आफ वायरोलाजी (NIV) के सहयोग से भारत बायोटेक ने यह टीका विकसित किया था। निर्माताओं के अनुसार फेज-3 के क्लीनिकल ट्रायल में कोवैक्सिन 77.8 फीसद प्रभावी पाया गया था। भारत में कोरोना संक्रमण के खिलाफ टीकाकरण अभियान में तीन टीकों का उपयोग कर रहा है। इनमें से एक सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया का कोविशील्ड है और दूसरा भारत बायोटेक का कोवैक्सिन है। इसके अलावा रूसी वैक्सीन स्पुतनिक V तीसरा टीका है, जिसे आपातकालीन उपयोग के लिए ड्रग कंट्रोलर जनरल आफ इंडिया (DGCI) से आपात इस्तेमाल की मंजूरी मिली है।
देश में टीकाकरण की शुरुआत 16 जनवरी को हुई। सबसे पहले स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंथलाइन वर्कर्स का टीकाकरण हुआ। टीकाकरण अभियान का दूसरा चरण 1 मार्च 2021 से शुरू हुआ। इस दौरान 60 साल से ऊपर और गंभीर रोग से ग्रस्त 45 साल से ऊपर के लोगों का टीकाकरण शुरू हुआ। 1 अप्रैल, 2021 को 45 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों के लिए इसमें और ढील दी गई। तीसरे चरण 1 मई, 2021 से शुरू हुआ। 18 वर्ष से ऊपर के सभी लोगों को टीकाकरण के लिए मंजूरी दी गई।