अभनपुर के संग्रहण केन्द्र में गड़बड़ी, भंडारण व विक्रय पर तत्काल प्रतिबंध, कारण बताओं सूचना जारी

रायपुर। रासायनिक उर्वरक सिगल सुपर फास्फेट निर्माता कंपनी BEC सिरगिट्टी बिलासपुर के द्वारा अभनपुर विकासखण्ड के संग्रहण केन्द्र नवापारा-पटेवा में भंडारित उर्वरक का नमूना परीक्षण में गुण नियंत्रण प्रयोगशाला लाभाण्डी रायपुर द्वारा अमानक (पोषक तत्व में कमी) पाये जाने के कारण आवश्यक वस्तु अधिनियम 1985 की धारा 3 के तहत उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश 1985 खंड 28 (1)(d) प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए खंड 19 (1) (क) के अंतर्गत भंडारण एवं विक्रय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया जा कर कारण बताओं सूचना जारी किया गया है।
उप संचालक कृषि श्रीआर एल खरे ने बताया कि रायपुर जिले में रासायनिक उर्वरक 69 हजार 2 सौ मि.टन मांग के विरूद्ध 51 हजार 4 सौ मि.टन का भंडारण किया जा चुका है।वर्तमान में 3186 मि.टन. का वितरण हो चुका है, तथा वितरण कार्य प्रगति पर है। उर्वरक , बीज के गुणवत्ता जांच का कार्य लगातार किया जा रहा है ।
अभी तक गुण नियंत्रण हेतु बीज के 49 नमूने एवं विभिन्न प्रकार के उर्वरक के 84 नूमने विक्रय केन्द्रों से लिया जाकर परीक्षण हेतु प्रयोग शाला प्रेषित किया गया है। इन विक्रय केन्द्रों का निरीक्षकों के द्वारा सतत् निरीक्षण कर गुणवत्ता हेतु निगरानी रखी जा रही है।कृषि आदानों के गुणवत्ता अमानक पाये जाने की स्थिति में प्रावधानानुसार कार्यवाही की जायेगी। इस हेतु जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है।
फसलों के उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने में उर्वरक का योगदान 45 से 50 प्रतिशत होती है। इसकी गुणवत्ता का फसल पर सीधा प्रभाव पड़ता है। कृषि के क्षेत्र में उर्वरकों की खपत में उत्तरोत्तर वृद्धि हुई है। अतः इसकी गुणवत्ता कायम रखना महत्वपूर्ण है। किसान भाईयों से अनुरोध है कि प्राथमिक सहकारी समिति अथवा विक्रय केन्द्र से आवश्यकतानुसार बीज एवं उर्वरक प्राप्त कर ले। खरीफ सीजन हेतु बीज एवं उर्वरक आपूर्ति अथवा गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की संशय होने पर क्षेत्रीय कृषि अधिकारी अथवा किसान हेल्प लाईन टोल फ्री नं. 18002331850 जिला रायपुर से संपर्क कर सकते है।