26 अप्रैल 2020 की अक्षय तृतीया को इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज किया जाएगा, जौहरी की दुकानों में पसरा सन्नाटा

रायपुर। इतिहास में 26 अप्रैल की अक्षय तृतीया यानी आज का दिन दर्ज रहेगा। बीते दशकों में यह यह पहला मौका है, जब अक्षय तृतीया के दिन राजधानी के बाजार में चारों ओर सन्नाटा पसरा हुआ है। वैश्विक महामारी कोरोना ने सभी को घर में बंद कर दिया, इसलिए न कोई दुकान खोली गई और न खरीददार खरीदारी करने बाहर निकल पाए। जबकि आलम यह रहता कि आज के दिन लोग जमकर खरीदारी करते हैं। विशेष कर मालवीय रोड व ज्वेलर्स दुकानों में भीड़ का तांता लगा होता।
अक्षय तृतीया के खास दिन पर ऐसी मान्यता है कि इस दिन सोना खरीदने से समृद्धि आती है और सुखदायक फल मिलता है। बीते डेढ़ दशकों में ऐसा देखने में आया है कि गरीब से लेकर अमीर घराने के लोग जमकर खरीदारी करते आ रहे थे। वैदिक राय के मुताबिक यह दिन हर किसी के लिए अक्षय योग लेकर आता है, जिसकी वजह से आज की खरीदारी हर किसी के लिए शुभ मानी जाती है।
उल्लेखनीय है कि आज का दिन वैवाहिक संस्कार के लिए भी बेहद शुभ माना जाता है। इस वजह से इस दिन बड़ी तादाद में लोग विवाह संपन्न करते हैं, लेकिन कोरोना वायरस को देखते हुए इस बार वैवाहिक संस्कार पर बांदा लग गया है। ना कार्ड छप रहे हैं, ना कोई रिश्ते की तलाश कर रहा है। बहरहाल संकट की इस घड़ी में इस संयम की सही मायने में देशहित के लिए आवश्यकता है।
एक्सपर्ट के मुताबिक हर वर्ष करीब 50 लाख से अधिक शादियां होती है, जिसमें ज्यादातर शादियां अक्षय तृतीया के दिन ही होती है। इस बार लॉक डाउन के कारण शादियां स्थगित हो गई। लिहाजा शादियां टलने से सोने-चांदी की बिक्री ठप्प हो गई। एक अनुमान के मुताबिक इससे करीब 5 करोड़ से अधिक का घाटा दुकानदारों को हुआ। सिर्फ यहीं नहीं बल्कि इससे जुड़ी और भी व्यापार जिसमें कपड़े, बर्तन, बैंड-बाजा, ट्रेंट हाउस जैसे तमाम तरह से व्यापारियों को नुकसान हुआ।
इस सबके बावजूद प्रदेश का मुखिया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्विटर के माध्यम से प्रदेश की जनता को अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं प्रेषित की है। उन्होंने भगवान विष्णु से देश और प्रदेश की खुशहाली की कामना करते हुए सभी को अपने घरों पर सुरक्षित रहने का आग्रह किया है।