
सूरजपुर, 15 अप्रैल। Child Marriage : कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के निर्देश पर जिले में बाल विवाह रोकने के लिए प्रशासनिक अमला त्वरित कार्रवाई कर रही है। गांव में बाल विवाह की सूचना ग्रामीण अधिकारियों को सीधे कर रहे हैं जिला बाल संरक्षण अधिकारी के नेतृत्व में बाल विवाह रोकने के लिए टीम सक्रिय है।
ग्रामीणों द्वारा जिला कार्यक्रम अधिकारी चंद्रबेस सिंह सिसोदिया को सूचना दी गई की बोझा गांव विकास खंड प्रतापपुर में एक 15 वर्षीय बालक का बाल विवाह किया जा रहा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल को निर्देश दिया गया की टीम लेकर मौके पर जाएं जांच कर कार्रवाई करें। जिला बाल संरक्षण अधिकारी महिला बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक, जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड लाइन एवं खड़गवां पुलिस चौकी बल के साथ ग्राम बोझा पहुंचे। वहां जांच करने पर पता चला कि लड़का सिर्फ 17 वर्ष का है जिसका विवाह किया जाना है।
घरवाले छुपा रहे थे विवाह की बात
घरवाले विवाह की बात को छुपा रहे थे, सूचना कर्ता से बात करने पर पता चला कि विवाह होने वाला है। जिस पर घरवाले टीम को सही बताए एवं समझाइश दिया गया कि विवाह करने पर बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के अंतर्गत सभी को जेल जाना पड़ सकता है तब परिजन उम्र होने पर विवाह करने की बात स्वीकार की।
टीम को वहीं सूचना प्राप्त हुई थी सकलपुर में भी एक नाबालिग लड़की (Child Marriage) का बाल विवाह होने वाला है। टीम तत्काल मौके पर पहुंची तो पता चला कि मात्र 14 वर्ष की बालिका का विवाह करने की तैयारी चल रही है। टीम के आने की सूचना मिलने पर बालिका के पिता वहां से फरार हो गए। ग्रामीणों को बताया गया कि हम सिर्फ समझाइश देंगे। बड़ी मुश्किल से बालिका का पिता सामने आया और बालिका की उम्र होने पर ही विवाह करने की बात कहा। गांव में पंचनामा कथन तैयार कर विवाह रुकवा दिया गया।
टीम जब पहुंची तो गड़ चुका था मंडप
इसी समय भैयाथान की पर्यवेक्षक का फोन आया कि गांव बुंदिया विकास खंड भैयाथान में नाबालिक बालक का बाल विवाह संपन्न कराया जा रहा है। टीम ने इस आशय की सूचना तत्काल भटगांव थाना को दी तथा बल उपलब्ध कराने के लिए कहा गया। मौके पर टीम जब पहुंची तो गांव में मंडप गड़ चुका था और सारी तैयारियां की जा रही थी।
टीम एवं पुलिस बल को देखकर लड़का और उसके पिता जी घर से फरार हो गए। बहुत समझाइस के बाद भी वे उपस्थित नहीं हुए। सरपंच, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सभी को मौके पर बुलाया गया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के सर्वे में बालक आधार कार्ड के अनुसार उम्र मात्र 15 वर्ष था, जिस आधार पर मौके पर पंचनामा बालक के मां का कथन लिया गया। विवाह नहीं करने की समझाइए दी गई एवं सुबह थाना भटगांव में आकर अंकसूची एवं अन्य दस्तावेज दिखाने के लिए कहा गया। मौके पर उपस्थित गांव के सरपंच ने उम्र होने पर ही विवाह होने देने की बात कही।
उक्त समस्त कार्रवाई में जिला बाल संरक्षण अधिकारी (Child Marriage) मनोज जायसवाल, संरक्षण अधिकारी संस्थागत देखरेख अखिलेश सिंह, आउटरीच वर्कर हरगोविंद चक्रधारी, चाइल्ड लाइन समन्वयक कार्तिक मजूमदार, जनार्दन यादव, चौकी खड़गवां विनोद गुप्ता, थाना भटगांव एसआई श्री सिंह, एएसआई गुरु यादव, आरक्षक तारा सिंह एवं महिला आरक्षक उपस्थित थे।