छत्तीसगढ़ पहुंचे प्रवासी श्रमिकों और छात्रों को कराया भोजन, उड़िसा जाने वाले छात्रों और झारखंड के श्रमिकों को बांटा जरूरी सामान

रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रवासी श्रमिक और छात्रों की घर वापसी के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। देश के विभिन्न शहरों से राज्य के श्रमिकों, सामान्य नागरिकों और फंसे हुए लोगों को प्रदेश वापस लाने के लिए केन्द्र सरकार से अनुरोध किया जा रहा है। वहीं राजधानी के सामाजिक संगठन भी इस मुश्किल घड़ी में जरूरतमंदों की सेवा में निरंतर तत्पर हैं। इसी क्रम में शनिवार देर रात उड़िसा जाने वाले कुछ छात्र और झारखंड के श्रमिक राजधानी पहुंचे। सामाजिक संगठन संभावना फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं को जैसे ही यह सूचना मिली , फाउंडेशन के सदस्यों ने फौरन सामाजिक कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए छात्रों और श्रमिकों को खाने का पैकेट और जरूरी सामान बांटा।
फाउंडेशन की अध्यक्षा सुमन यादव ने बताया शनिवार रात्रि को 50 विद्यार्थी (जो कोटा से उडिसा में बलांगिर के लिए रवाना़ हुए थे) रायपुर पहुंचे। उनके राजधानी पहुंचने की सूचना सामाजिक कार्यकर्ता मनोज अग्रवाल से मिली। उनके लिए खाने की व्यवस्था करने की गुहार लगाई गई। इसके बाद फौरन फाउंडेशन की महिला सदस्य सक्रिय हो गए और डेढ़ घंटे में ही टीम ने घर पर पुडी,रोटी,सब्जी अचार तैयार कर मंदिर हसौद मे बच्चों को खाना पहुंचाया गया। खाना और पानी के अलावा छात्रों को नमकीन , बिस्किट और जूस भी दिया । इसके बाद फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं को रात्रि को ही झारखंड से पहुंचे कुछ श्रमिकों और नागरिकों की राधा स्वामी सत्संग व्यास पीठ धरमपुरा में पहुंचने और भोजन की जरूरत है की जानकारी मिली। इसके बाद फाउंडेशन की सक्रिय सदस्यों नीलिमा, साहिल मनीष, मनीषा एवं अन्य ने तत्काल गरम भोजन तैयार करवाकर वहां भिजवाया।
भूखे थे बच्चे – अध्यक्षा सुमन यादव ने बताया खाना और जरूरी सामान मिलते ही प्रवासी छात्र काफी खुश हुए। उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन और सामाजिकि कार्यकर्ताओं का धन्यवाद दिया। अध्यक्षा सुमन के मुताबिक बच्चों से बातचीत कर जानकारी मिली कि बच्चों ने कल दोपहर से कुछ नहीं खाया था जो की बहुत ही दुखद था। हालांकि उनकी घर वापसी हो रही थी इस बात से वे छात्र काफी खुश थे।