छत्तीसगढ़ के सभी सरकारी स्कूलों और दफ्तरों में लटके रहे ताले, महंगाई भत्ता समेत 14 सूत्रीय मांगों पर विरोध…

रायपुर, 3 सितंबर। छत्तीसगढ़ के सभी सरकारी स्कूलों और दफ्तरों में शुक्रवार को ताला लटका रहा। कोई भी अधिकारी-कर्मचारी और शिक्षक काम पर नहीं गये। प्रदेश भर में अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन के बैनर तले एक दिवसीय विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी अधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित थे। इस दौरान सरकार के खिलफ जमकर नारेबाजी भी की गई।
नवा रायपुर स्थित इंद्रावती भवन में भी ताले लटके मिले और सभी अधिकारी-कर्मचारी बाहर आंदोलनरत रहे। आंदोलनकारियों ने केंद्र के समान राज्य में भी महंगाई भत्ता समेत 14 सूत्रीय मांगों को लेकर एक दिवसीय हड़ताल किया।
केंद्रीय कर्मचारियों के समान उठी मांग
छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल वर्मा ने कहा कि शासकीय सेवकों के लंबित मांगों से संबंधी 14 सूत्रीय मांग है। इसको लेकर आज प्रदेश स्तरीय सभी सरकारी दफ्तरों को बंद रखा गया है। अपनी मांगों को लेकर कलम बंद मशाल उठाकर हड़ताल किया जा रहा है। केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़कर 17 से 28 प्रतिशत हो गया है, जबकि छत्तीसगढ़ राज्य के शासकीय सेवकों और पेंशनरों को 1 जनवरी 2019 से मात्र 12 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है। राज्य के कर्मचारी केन्द्रीय कर्मचारियों से 16 प्रतिशत पीछे हो गए है। इस कारण प्रतिमाह के वेतन में 4-5 हजार रुपए आर्थिक क्षति हो रही है।

कलम रख मशाल उठा आंदोलन के तहत सामूहिक अवकाश
इधर इंद्रावती कर्मचारी संघ के अध्यक्ष ने कहा कि सामूहिक अवकाश के पहले चरणबद्ध तरीक़े से अधिकारी कर्मचारी फैडरेशन के बैनर तले अपनी मांगों को लेकर आवाज़ बुलंद किया गया था। वहीं प्रदेशभर के सभी जन प्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपा गया। मुख्यमंत्री, सभी मंत्री, प्रमुख सचिव को ज्ञापन सौंपा गया था। उसके बाद चरणबद्ध तरीक़े से विरोध प्रदर्शन किया गया। जिसमे जल समाधि ली गई, मशाल रैली निकाली गई थी। जब मांगें पूरी नहीं हुई तो अब कलम रख मशाल उठा आंदोलन के तहत प्रदेशभर में सामूहिक अवकाश लेकर कार्यालय बंद रखा गया है। उन्होंने कहा कि अगर हमारी मांग नहीं मानी गई, तो आगे भी प्रदेश भर के कर्मचारी हड़ताल पर जाएंगे।
छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ ने भी दिया साथ
छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष ओंकार सिंह एवं प्रान्तीय महामंत्री यशवन्त सिंह वर्मा ने बताया कि केंद्र के समान 28 प्रतिशत महँगाई भत्ता, शिक्षक/लिपिक सहित अन्य कमर्चारियों के वेतनमान विसंगति के निराकरण, सातवे वेतनमान एरियर्स के भुगतान, सातवे वेतनमान के अनुसार आवास भत्ता, सभी संवर्ग को पदोन्नति/समयमान वेतनमान का लाभ सहित 14 सूत्रीय मांगों को लेकर आज सभी अवकाश पर रहे।