नवजोत सिंह सिद्धू के अध्यक्ष बनने से लेकर इस्तीफे तक 72 दिन पंजाब कांग्रेस में रहे तूफानी, जानें कब क्या हुआ

चंडीगढ़, 29 सितंबर। नवजोत सिंह सिद्धू के पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफे से पार्टी में भूचाल आ गया है। पंजाब कांग्रेस से लेकर राष्ट्रीय नेतृत्व तक हड़कंप मचा हुआ है। दरअसल नवजोत सिंह सिद्धू के प्रदेश अध्यक्ष बनने से लेकर उनके इस्तीफा देने तक के 72 दिन पंजाब कांग्रेस के लिए ‘तूफानी’ रहे हैं। सिद्धू के तेवर और आक्रामक रवैये के कारण कांग्रेस हाईकमान भी इस दौरान सांसद में रही। सिद्धू ने अपने तेवर और रणनीति से कैप्टन अमरिंदर सिंह जैसे दिग्गज नेता के खिलाफ बगावत कराई और उनको सीएम पद से हटाने में भी सफल रहे।
सिद्धू के पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी में कैप्टन अमरिंदर सिंह विरोधी गुट का बल मिला और वह उसके अगुवा बन गए। कैप्टन अमरिंदर सिंह के हर दांव अंतत: फेल हो गए। कैप्टन ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया, लेकिन सिद्धू की सीएम बनने की तमन्ना पूरी नहीं हुई और चरणजीत सिंह चन्नी सीएम बन गए।
पंजाब के सियासी जानकारों का कहना है कि सिद्धू ने इसके बाद ‘सुपर सीएम’ वाला अंदाज अपनाया, लेकिन कुछ अफसरों की नियुक्ति में उनकी नही चली तो सिद्धू नाराज हाे गए। इसका नतीजा पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफे के रूप में सामने आया। जानिये सिद्धू के पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष बनने से लेकर उनके इस्तीफे तक पंजाब कांग्रेस में क्या कुछ हुआ।
टाइम लाइन
18 जुलाई 2021: नवजोत सिंह सिद्धू को कांग्रेस हाईकमान की ओर से पंजाब कांग्रेस का प्रदेश प्रधान घोषित किया गया।
19 जुलाई 2021: प्रधान बनने के बाद सिद्धू ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को ताकत दिखाई, 5 मंत्री समेत 35 विधायकों के साथ बैठक की।
21 जुलाई 2021: नवजोत सिद्धू ने पावर शो करते हुए अमृतसर में श्री हरमिंदर साहिब में माथा टेका।
23 जुलाई 2021: सिद्धू ने कांग्रेस के प्रदेश प्रधान का कार्यभार संभाला। इस मौके पर आयोजित समारोह में उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर तंज कसे और उन्हें अनदेखा किया।
24 जुलाई 2021: चार मंत्री और एक विधायक परगट सिंह ने तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ बगावत की। मुख्यमंत्री पर अविश्वास प्रकट किया।
18 सितंबर 2021: कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश रावत ने देर रात को ट्ववीट कर 19 सितंबर को कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई।
19 सितंबर 2021: कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया। कांग्रेस विधायक दल की बैठक में नए मुख्यमंत्री के लिए फैसला नहीं हो सका।
20 सितंबर 2021: कांग्रेस ने चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब का नया मुख्यमंत्री घोषित किया।
21 सितंबर 2021: चरणजीत सिंह चन्नी ने मुख्यमंत्री और सुखजिंदर सिंह रंधावा व ओपी सोनी ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
21 सितंबर 2021: नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा जिस प्रकार से चन्नी भाई काम कर रहे हैं, मैंने कभी ऐसा नहीं देखा। मुख्यमंत्री ने कैबिनेट बैठक बुलाई है। कोई बड़ा फैसला लेंगे।
22 सितंबर 2021: कैबिनेट मंत्रियों को लेकर पंजाब कांग्रेस में जोड़-तोड़ शुरू हुई।
25 सितंबर 2021: कैबिनेट मंत्रियों के नाम सामने आए। इसमें राणा गुरजीत सिंह का भी नाम था।
26 सितंबर 2021: कैबिनेट मंत्रियों को शपथ लेने से पहले बदलाव हुआ। कांग्रेस के कार्यकारी प्रभारी कुलजीत नागरा कैबिनेट से आउट हो गए और रणदीप नाभा इन हो गए। कांग्रेस के विधायकों ने राणा गुरजीत सिंह के नाम का विरोध किया।
27 सितंबर 2021: मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कैबिनेट बैठक बुलाई लेकिन कोई बड़ा फैसला नहीं हो सका। मुख्यमंत्री ने एपीएस देओल को एडवोकेट जनरल नियुक्त किया।
28 सितंबर: नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष्स पद से इस्तीफा दे दिया।