बाल श्रमिक एवं भिक्षावृत्ति में संलिप्त बच्चों का सर्वेक्षण 25 जनवरी तक, कलेक्टर ने नगर निगम के जोन कमिश्नरों को दी नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी

रायपुर, 29 दिसम्बर। छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण समिति, संचालनालय महिला एवं बाल विकास विभाग नया रायपुर के पत्र के परिपालन में बाल श्रमिक, अवशिष्ट संग्राहक, एवं भिक्षावृत्ति में संलिप्त बच्चों के सर्वेक्षण एवं बचाव हेतु अभियान 26 दिसंबर से 25 जनवरी तक संचालित किया जाना है।
कलेक्टर डाॅ एस भारतीदासन ने सर्वेक्षण कार्य हेतु रायपुर जिले के नगर निगम के सभी 10 जोन के कमिश्नर, नगर पालिक निगम, बीरगांव के 03 जोन के जोन कमिश्नर को नोडल अधिकारीे एवं परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास को सहायक नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी है। इसी तरह 03 नगर पालिका गोबरा नवापारा, तिल्दा-नेवरा एवं आरंग तथा 04 नगर पंचायत खरोरा, मानाकैम्प, अभनपुर, कुर्रा के मुख्य नगर पालिका अधिकारी को नोडल अधिकारी एवं परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास को सहायक नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौपीं है। इसी तरह जिले के 04 विकासखण्ड एवं समस्त 416 ग्राम पंचायत के सर्वेक्षण हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत को नोडल अधिकारी तथा परियोजना अधिकारी महिला एवं बालविकास को सहायक नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी दी है।
जारी आदेश में बताया गया हैं कि बाल श्रमिक,अपशिष्ट संग्राहक, भिक्षावृत्ति में संलिप्त बच्चों की दुर्दशा को दृष्टिगत रखते हुए, ऐसे बच्चे जो अपनी उत्तरजीविता, भोजन, पानी, वस्त्र, आश्रय एवं संरक्षण हेतु प्रतिदिन विभिन्न प्रकार के संघर्षों एवं चुनौतियों का सामना करते हैं। इन बच्चों को आर्थिक, लैंगिक एवं अन्य विभिन्न प्रकार के शोषण के शिकार होने का गंभीर खतरा रहता है। इस प्रकर के बच्चों की पहचान व चिन्हांकन कर उन्हें सुरक्षा संरक्षण एवं आश्रय प्रदान करते हुए, शिक्षा एवं अन्य आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके परिवार को भी शासन के विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने, प्रशिक्षण एवं रोजगार की व्यवस्था कराते हुए समाज की मुख्यधारा से जोड़ने हेतु संबंधित विभागों के समन्वय से सर्वे काम किया जाना है।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों से जिम्मेदारी पूर्वक पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से सर्वेक्षण कार्य करने का आग्रह किया है। उन्होंने सर्वेक्षण गतिविधियों को कोविड-19 के सबंध में न्यायलयों, भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी दिशा निर्देशों एवं प्रोटोकाल का पालन करते हुए संपादित करने कहा है।