वैक्सीन पूर्णतः सुरक्षित, सभी को इसे लेने के लिए आगे आना चाहिए : डॉ. नितिन एम. नागरकर

रायपुर, 9 जनरवरी। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, रायपुर के निदेशक प्रो. (डॉ.) नितिन एम. नागरकर ने कहा है कि देशभर में शुरू हो रहा कोविड-19 का वैक्सीनेशन पूर्णतः सुरक्षित है। वैक्सीन पूरी तरह से वैज्ञानिक प्रक्रिया से गुजरकर आम लोगों तक पहुंच रही है। अतः इस संबंध में किसी भी प्रकार के भ्रम की स्थिति को उत्पन्न न होने दे। वह स्वयं और एम्स परिवार यह वैक्सीन पहले चरण में लेने के लिए तैयार है। प्रो. नागरकर प्रेस इंफोरमेशन ब्यूरो (पीआईबी), रायपुर की ओर से आयोजित एक दिवसीय वेबिनार को संबोधित कर रहे थे।
प्रो. नागरकर ने कोविड-19 टीकाकरण अभियान विषयक वेबिनार को संबोधित करते हुए और प्रदेशभर के पत्रकारों के प्रश्नों का जवाब देते हुए कहा कि भारत में पोलियो का टीकाकरण अभियान दुनियाभर में नजीर बन गया है। इस अभियान में जो संसाधन और प्रक्रिया अपनायी गई थी लगभग वही कोरोना के वैक्सीनेशन में भी अपनाने की योजना है। वैक्सीन के बारे में किसी भी प्रकार का कोई संशय नहीं होना चाहिए। यह प्रथम चरण में चार वर्गों के लिए और बाद के चरणों में अन्य वर्ग के लिए उपलब्ध होगी।
उन्होंने कहा कि वैक्सीन उन रोगियों के लिए भी लाभप्रद होगी जिन्हें कोरोना हो चुका है। इसके अलावा जो भी वैक्सीनेशन की लिस्ट में शामिल हैं उन्हें स्वेच्छा से बिना किसी भय के यह वैक्सीन ग्रहण करनी चाहिए। यह वैक्सीनेशन कार्यक्रम हर्ड इम्यूनिटी को विकसित करने के लिए चलाया जा रहा है जिसमें कम से कम दो तिहाई लोगों के अंदर कोरोना के विरूद्ध एंटी बॉडी विकसित होनी चाहिए। प्रदेश में इसके लिए कोल्ड चेन से लेकर प्रशिक्षित स्वास्थ्य अधिकारी उपलब्ध है अतः सभी को प्रयास करना चाहिए कि वे वैक्सीन ग्रहण करें और परिवार एवं समाज को सुरक्षित रखने में मदद करें।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक वैक्सीन लगने के बाद हल्का बुखार, दर्द या खिंचाव के लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इनसे घबराने की आवश्यकता नहीं है यह वैक्सीनेशन का एक भाग होता है जिसमें इम्युनिटी डेवलप होती है।
इससे पूर्व पीआईबी के अपर महानिदेशक अभिषेक दयाल ने सभी का स्वागत करते हुए वैक्सीनेशन कार्यक्रम के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मीडिया की भूमिका को अहम बताया। राज्य टीकाकरण अधिकारी अमर सिंह ठाकुर ने राज्य के स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीकाकरण अभियान के लिए उठाए गए कदमों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। पीआईबी के सुनील तिवारी ने आम लोगों के बीच वैक्सीन को लेकर विश्वास बढ़ाने, गलत सूचनाओं के प्रसार को रोकने, अधिकारिक सूचना प्रदान करने और फैक्ट चेक करने पर जोर दिया। वेबिनार का संचालन शैलेश ने किया।