Big Leap in Fire Safety : ट्रेनों में पैसेंजर सेफ्टी की दिशा में रेलवे की बड़ी छलांग…! AC कोचों में अलर्ट रहेगा अब हर सेकंड…उन्नत फायर डिटेक्शन सिस्टम लागू…ट्रेन में आग का खतरा अब और कम

Big Leap in Fire Safety : ट्रेनों में पैसेंजर सेफ्टी की दिशा में रेलवे की बड़ी छलांग…! AC कोचों में अलर्ट रहेगा अब हर सेकंड…उन्नत फायर डिटेक्शन सिस्टम लागू…ट्रेन में आग का खतरा अब और कम

रायपुर, 05 दिसंबर। Big Leap in Fire Safety : साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे के मैकेनिकल डिपार्टमेंट ने दो ज़रूरी टेक्नोलॉजिकल सुधार सफलतापूर्वक लागू किए हैं, जिससे पैसेंजर सेफ्टी और ट्रेन ऑपरेशन का भरोसा और मज़बूत हुआ है। पहला है AC कोच में एडवांस्ड फायर डिटेक्शन सिस्टम लगाना और दूसरा है गार्ड वैन में हैंड ब्रेक इंडिकेटर लगाना। ये कोशिशें रेलवे सेफ्टी स्टैंडर्ड को नई ऊंचाइयों पर ले जाती हैं और मॉडर्न टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल के लिए इंडियन रेलवे का कमिटमेंट दिखाती हैं।

    एसी कोचों में उन्नत फायर डिटेक्शन सिस्टम

    पैसेंजर की सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए, AC कोच में लेटेस्ट ऑटोमैटिक स्मोक डिटेक्शन और अलर्ट सिस्टम लगा होता है। यह सिस्टम आग या धुएं की शुरुआती मौजूदगी का तुरंत पता लगाता है और अलार्म चालू कर देता है, जिससे तुरंत एक्शन लिया जा सकता है और खतरा कम हो जाता है। इसके खास फीचर्स होंगे धुआं पता चलने पर तुरंत अलर्ट सिग्नल, कोच के अंदर आग/धुएं की स्थिति की रियल-टाइम जानकारी, होने वाले एक्सीडेंट को रोकना और तुरंत रिस्पॉन्स देना, और पैसेंजर और स्टाफ में सेफ्टी के बारे में ज़्यादा अवेयरनेस बढ़ाना।

    राज्योत्सव 2025 में रहा आकर्षण

    दुर्ग कोचिंग डिपो ने राज्योत्सव 2025 में इस एडवांस्ड सिस्टम को दिखाया, जहां विज़िटर्स ने बहुत तारीफ की। इसके काम करने के तरीके और अलर्ट मैकेनिज़्म का लाइव डेमोंस्ट्रेशन दिखाया गया, जिससे रेलवे सेफ़्टी टेक्नोलॉजी के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ी।

    संचालन में अतिरिक्त सुरक्षा

    बिलासपुर कोचिंग डिपो ने दो LHB गार्ड वैन में हैंड ब्रेक इंडिकेटर लगाए हैं। इस सिस्टम से ट्रेन मैनेजर (गार्ड) केबिन से ही ब्रेक का असली स्टेटस देख सकता है, जिससे गलतियों की संभावना कम हो जाती है। इसका मुख्य फ़ायदा हैंड ब्रेक रिलीज़ की सीधी मॉनिटरिंग है, जिससे ऑपरेशन के दौरान गलतियों की संभावना कम होती है और ट्रेन की सुरक्षा बढ़ती है। इससे स्टाफ़ का काम का बोझ कम होता है। बार-बार ब्रेक का स्टेटस चेक करने की ज़रूरत कम हो जाती है, जिससे ऑपरेशनल एफ़िशिएंसी बढ़ती है। यह तकनीक गार्ड की कार्यक्षमता को बढ़ाती है, मानसिक तनाव कम करती है और रेक की समग्र सुरक्षा को मजबूत बनाती है।

    रेलवे की सतत सुरक्षा प्रतिबद्धता

    दुर्ग और बिलासपुर कोचिंग डिपो के ये इनोवेशन, पैसेंजर के आराम, सेफ्टी और ऑपरेशनल भरोसे को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता देने की दिशा में इंडियन रेलवे के लिए एक बड़ा कदम है। बेहतर मेंटेनेंस, एडवांस्ड सेफ्टी सिस्टम और मॉडर्न टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से, रेलवे ट्रेन सर्विस को ज़्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए लगातार काम कर रहा है।

    About The Author

    छत्तीसगढ