रायपुर, 11 दिसंबर। Custom Milling Scam Update : कस्टम मिलिंग घोटाले में पेश हुए चालान में कई चौकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। जांच में यह तथ्य उजागर हुआ है कि पुलिस और CSEB सहित कई सरकारी अधिकारी और कर्मचारी इस घोटाले में सीधे शामिल थे।
मुख्य खुलासे
ASI सीबी वर्मा और CSEB के अशोक कुमार को भी इस स्कैम से फायदा हुआ। EOW सी.बी. वर्मा से भी पूछताछ करेगी। विकास अग्रवाल उर्फ सुब्बू और दीपेन ने स्कैम में शामिल कैश लेने-देने का काम संभाला। यह पैसा बिजनेसमैन अनवर ढेबर के कहने पर पहुंचाया गया था। रामगोपाल अग्रवाल सहित कई नेताओं के घरों पर भी पैसे पहुंचाए गए। भिलाई-दुर्ग, मंगल भवन और न्यू खुर्सीपार में अलग-अलग जगहों पर एक-एक करोड़ रुपये के बैग रखे गए थे।
अंकुर पालीवाल और सूरज पवार दीपेन चावड़ा के लिए पैसे संभालने और बैग इकट्ठा करने का काम करते थे। सरकारी गवाहों के बयानों से कई बड़े राज सामने आए। अनवर और विकास के बीच WhatsApp चैट से दीपेन चावड़ा की भूमिका साफ हो गई। सस्पेंड ASI सीबी वर्मा का कस्टम मिलिंग स्कैम से कनेक्शन भी सामने आया। महादेव स्कैम में वर्मा की एक्टिव भूमिका का भी खुलासा हुआ, जिसके लिए उन्होंने कई साल जेल में बिताए थे।
घोटाले की कार्यप्रणाली
हर दिन दस कार्टन या दस बैग डिलीवर किए जाते थे। बातचीत फेसटाइम कॉल (Custom Milling Scam Update) और कोडवर्ड के ज़रिए होती थी। WhatsApp चैट से पैसे की डिलीवरी और बैग इकट्ठा करने की पूरी योजना का पता चला। पेश किए गए इनवॉइस से कस्टम मिलिंग स्कैम की गंभीरता और इसमें शामिल लोगों की जटिल साज़िश का खुलासा हुआ।

